नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। यदि आप अपना मकान किराए पर देते हैं तो यह खबर आपको खुश कर देगी। हाल ही में नए वित्तीय वर्ष के बजट में किराये पर टीडीएस (स्रोत पर कर कटौती) की वार्षिक सीमा बढ़ाने की घोषणा की गई थी। जिसे कल 1 अप्रैल से लागू कर दिया जाएगा।
1 अप्रैल से ही लागू हो जाएगा
गौरतलब है कि 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा जारी वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में किराये पर टीडीएस की वार्षिक सीमा बढ़ाने की घोषणा की गई थी। ऐसे में केंद्र सरकार ने किराये पर दी गई संपत्ति से अर्जित आय पर टैक्स कटौती की सीमा को मौजूदा 2.4 लाख रुपये वार्षिक से बढ़ाकर 6 लाख रुपये कर दिया है। ये नियम नए वित्तीय वर्ष के पहले दिन यानी 1 अप्रैल से ही लागू हो जाएगा।
इतनी हुई टैक्स कटौती की सीमा
आयकर अधिनियम के नियमों के अनुसार किराये के तौर पर निवासी को कोई भी राशि देते समय लागू दरों पर आयकर उस समय काटना होगा, जब किराये की आय एक वित्त वर्ष में 2.4 लाख रुपये से अधिक हो। हालांकि बजट 2025-26 में किराये के रूप में आय की इस कर कटौती सीमा को बढ़ाकर 50 हजार रुपये माह करने का प्रस्ताव रखा गया है।
50 हजार से ज्यादा किराए पर कटौती जरूरी
आसान शब्दों में इसे समझें तो यदि जमीन या मशीनरी को कुछ महीनों के लिए किराये पर लिया जाता है और किराया 50 हजार से ज्यादा है, तो फिर टीडीएस कटौती जरूरी मानी जाएगी। किराये पर वार्षिक टीडीएस सीमा को 6 लाख रुपये किए जाने से छोटे करदाताओं और मकान मालिकों को फायदा होगा। साथ ही अनुपालन बोझ भी कम हो जाएगा।





