नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। क्रेडिट कार्ड रखने वाले ज्यादातर लोग जानते हैं कि अच्छा क्रेडिट स्कोर लोन लेने में मदद करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह आपके क्रेडिट कार्ड के फायदे भी तय करता है? बैंक और अन्य लेंडर्स आपके क्रेडिट स्कोर के आधार पर कार्ड की लिमिट, ब्याज दर और प्रीमियम कार्ड्स की एलिजिबिलिटी तय करते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, 750 से ऊपर का स्कोर रखने वाले यूजर्स को कम ब्याज, ज्यादा लिमिट और तेज़ अप्रूवल जैसे लाभ मिलते हैं।
क्रेडिट स्कोर क्या है और कैसे बनता है?
क्रेडिट स्कोर एक ऐसा नंबर है, जो 300 से 900 के बीच होता है और आपकी वित्तीय आदतों का मूल्यांकन करता है। इसमें यह देखा जाता है कि आप समय पर बिल भरते हैं या नहीं, आपका क्रेडिट कार्ड कितना इस्तेमाल होता है और आपका कुल क्रेडिट रिस्क कितना है।
अधिकांश लोग मानते हैं कि क्रेडिट स्कोर सिर्फ लोन लेने में मदद करता है, लेकिन यह आपके क्रेडिट कार्ड के फायदे भी निर्धारित करता है। CIBIL और अन्य क्रेडिट ब्यूरो के अनुसार, 750 से अधिक स्कोर वाले ग्राहकों को बहुत अच्छा, 650 से 749 को ठीक-ठाक और 650 से कम को कमजोर माना जाता है। यह स्कोर केवल लोन अप्रूवल तक सीमित नहीं है, बल्कि क्रेडिट कार्ड की ब्याज दर, लिमिट, ऑफर और प्रीमियम कार्ड की उपलब्धता पर भी असर डालता है।
भारत में क्रेडिट कार्ड की सामान्य ब्याज दर 30 से 42 प्रतिशत के बीच होती है, जो सीधे ग्राहक के क्रेडिट रिस्क पर निर्भर करती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि उच्च क्रेडिट स्कोर वाले ग्राहकों को कम जोखिम माना जाता है, इसलिए उनके कार्ड पर ब्याज दर कम होती है, वहीं कम स्कोर वाले ग्राहकों को अधिक ब्याज दर और सीमित ऑफर का सामना करना पड़ता है।
अच्छा क्रेडिट स्कोर रखने वाले कार्डधारकों को कई फायदे मिलते हैं। उन्हें Revolving credit पर कम ब्याज लगता है, जिससे कार्ड का कुल खर्च कम होता है। इसके साथ ही बैंक इन ग्राहकों को अधिक क्रेडिट लिमिट देती हैं, जिससे वित्तीय लचीलापन बढ़ता है। उच्च स्कोर वाले यूजर्स प्रीमियम कार्ड जैसे ट्रैवल कार्ड, लाउंज एक्सेस और हाई रिवॉर्ड कार्ड के लिए भी योग्य होते हैं। इनका कार्ड अप्रूवल तेज होता है और उन्हें बेहतर बैलेंस ट्रांसफर ऑफर भी मिलते हैं, जिससे ब्याज का बोझ कम होता है।इसके विपरीत, कम स्कोर वाले ग्राहकों को ज्यादा ब्याज दर, कम क्रेडिट लिमिट, बार-बार आवेदन अस्वीकृत होना, कम या कोई रिवॉर्ड न मिलने और उच्च वार्षिक शुल्क जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
विशेषज्ञों के अनुसार अच्छा क्रेडिट स्कोर बनाए रखने के लिए समय पर बिल चुकाना जरूरी है और केवल minimum due न देना चाहिए। साथ ही क्रेडिट कार्ड का उपयोग 30 प्रतिशत से कम रखना, अनावश्यक लोन लेने से बचना और बार-बार क्रेडिट जांच न कराना भी फायदेमंद होता है।क्रेडिट स्कोर केवल एक संख्या नहीं, बल्कि आपकी वित्तीय पहचान है। इसे मजबूत बनाए रखना न केवल खर्च कम करता है, बल्कि अधिक सुविधाएँ और वित्तीय स्वतंत्रता भी देता है।
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वित्त विशेषज्ञों का कहना है कि क्रेडिट स्कोर केवल एक नंबर नहीं, बल्कि आपकी वित्तीय पहचान है। अच्छा क्रेडिट स्कोर न केवल लोन अप्रूवल में मदद करता है, बल्कि आपके क्रेडिट कार्ड की लिमिट, ब्याज दर, ऑफर और प्रीमियम कार्ड की उपलब्धता को भी तय करता है। इसलिए चाहे आपके पास एक कार्ड हो या दस, हमेशा अपने स्कोर को मजबूत बनाए रखना जरूरी है। विशेषज्ञों का कहना है कि क्रेडिट स्कोर को नजरअंदाज करना सीधे आपकी जेब पर असर डाल सकता है। अच्छा स्कोर न केवल खर्च कम करता है, बल्कि अधिक सुविधाएँ और वित्तीय स्वतंत्रता भी देता है।





