नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। नया साल आने में अब कुछ ही दिन बाकी हैं। सभी तरफ इसके स्वागत की तैयारी हो रही है, लेकिन यह नया साल कुछ लोगों को झटका भी देगा, क्योंकि सरकार ने जालसाजों के खिलाफ कार्रवाई की है। अब ऐसी सुविधाओं को स्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया गया है। जिसमें वे मुफ्त राशन का फायदा उठा रहे हैं। आपको बता दें कि देश में करीब 80 करोड़ लोग इस वक्त मुफ्त राशन का लाभ ले रहे हैं, जिसमें से करोड़ों लोग ऐसे भी हैं जो असल में इसके हकदार नहीं हैं। जिन्हें सच में मुफ्त राशन की जरूरत है, केंद्र सरकार के ध्यान में आया है कि ऐसे लोगों को योजना के लाभ से वंचित किया जा रहा है, इसीलिए सरकार EKYC और अन्य माध्यमों से फर्जी राशन कार्ड धारकों की पहचान कर रही है। 1 जनवरी 2025 को करोड़ों राशन कार्ड रद्दी हो जाएंगे।
…ताकि संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जा सके
गौरतलब है कि हाल ही में सरकार ने गेहूं, चना और चीनी के साथ रसोई के 10 सामान मुफ्त देने का ऐलान किया था, लेकिन फर्जी राशन कार्डों की संख्या बढ़ती जा रही है। जानकारी के मुताबिक गरीबी उन्मूलन योजना सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। जिसकी शुरुआत कोरोना काल के दौरान की गई थी। लेकिन अब इस योजना में फर्जीवाड़े की बू आने लगी है। इसी के चलते सरकार कई माध्यमों से फर्जी राशन कार्डों की पहचान कर रही है। जल्द ही उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
राशन कार्ड धारकों को E-KYC कराने के निर्देश जारी कर दिए हैं
जानकारी के मुताबिक, एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि देश में करोड़ों लोग ऐसे हैं जो पात्र न होने के बावजूद मुफ्त राशन योजना का लाभ उठा रहे हैं। इसी तरह राशन कार्ड धारकों की पहचान की जा रही है। ताकि योजना से फर्जीवाड़ा दूर हो सके और जिन लोगों के लिए वास्तव में योजना चलाई गई थी उन्हें भी योजना का लाभ मिल सके। इसलिए सरकार ने अब सभी राशन कार्ड धारकों को ई-केवाईसी कराने के निर्देश जारी कर दिए हैं।




