नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अक्सर फ्लाइट में काम करने वाली महिलाओं को बोलचाल की भाषा में ‘एयर होस्टेस’ कहा जाता है। यह शब्द कमर्शियल एविएशन के शुरुआती दिनों से ही चला आ रहा है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ठीक यही काम करने वाले पुरुषों के लिए सही शब्द क्या है? अक्सर लोग इस बात को लेकर कंफ्यूज हो जाते हैं कि उन्हें एयर होस्ट, एयर होस्टर कहें या कुछ और। मॉडर्न एविएशन इंडस्ट्री ने इस कंफ्यूजन को अब एक आसान और यूनिवर्सल जवाब से दूर कर दिया है।
कैसे बदल गई एविएशन इंडस्ट्री?
आज की एविएशन इंडस्ट्री में जेंडर स्पेसिफिक (लिंग-आधारित) जॉब टाइटल अब पुराने माने जाते हैं और इनका इस्तेमाल आधिकारिक तौर पर नहीं किया जाता। दुनिया भर की एयरलाइंस अब ऐसे जेंडर न्यूट्रल (लिंग-तटस्थ) और प्रोफेशनल शब्दों को पसंद करती हैं जो सभी क्रू मेंबर्स पर समान रूप से लागू होते हैं, भले ही उनका जेंडर कुछ भी हो। यही वजह है कि अब ‘एयर होस्टेस’ शब्द ऑफीशियली पसंदीदा टाइटल नहीं रहा, हालांकि यह अभी भी आम बातचीत में इस्तेमाल होता है।
फ्लाइट में काम करने वाले पुरुषों को क्या कहते हैं?
एयरक्राफ्ट में काम करने वाले पुरुषों के लिए सही और मॉडर्न शब्द फ्लाइट अटेंडेंट है। उन्हें केबिन क्रू और पारंपरिक शब्द स्टीवर्ड के नाम से भी पहचाना जाता है। ठीक इसी तरह, अब महिलाओं को भी फॉर्मली एयर होस्टेस नहीं, बल्कि फ्लाइट अटेंडेंट या केबिन क्रू ही कहा जाता है। स्टीवर्ड शब्द अभी भी इस्तेमाल होता है लेकिन आजकल यह कम आम है।
एयरलाइंस क्यों पसंद करती हैं जेंडर न्यूट्रल शब्द?
एयरलाइंस मल्टीकल्चरल माहौल में काम करती हैं और केबिन क्रू की मुख्य जिम्मेदारी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, इमरजेंसी के दौरान मदद करना और सर्विस देना होती है। ये सभी जिम्मेदारियाँ जेंडर की परवाह किए बिना एक जैसी होती हैं। एक ही डेजिग्नेशन (पदनाम) फ्लाइट अटेंडेंट का इस्तेमाल करने से एविएशन में क्लैरिटी, समानता और प्रोफेशनलिज्म बना रहता है।





