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विशेषज्ञों ने पीएम मोदी के 5जी रोडमैप की सराहना की, मोबाइल निर्माण पर दिया जोर

नई दिल्ली, 17 मई (आईएएनएस)। प्रौद्योगिकी उद्योग के विशेषज्ञों ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्व-निर्मित 5जी टेस्ट बेड के शुभारंभ का स्वागत करते हुए कहा कि 5जी की परिवर्तनकारी शक्ति उद्योगों और क्षेत्रों में देश के आर्थिक विकास को एक महत्वपूर्ण बल प्रदान करेगी। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने 5जी के रूप में एक स्वदेशी 5जी टेस्ट बेड राष्ट्र को समर्पित किया। सीएमआर में इंडस्ट्री इंटेलिजेंस ग्रुप (आईआईजी) के प्रमुख प्रभु राम ने आईएएनएस से कहा, भारत के पहले 5जी टेस्ट बेड का लॉन्च अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकियों में नवाचार (इनोवेशन) के आसपास केंद्रित एक पारिस्थितिकी तंत्र (इकोसिस्टम) को बढ़ावा देगा। स्टार्ट-अप अब 5जी नेटवर्क में स्थानीय स्तर पर अपने तकनीकी प्रोटोटाइप, उत्पादों और समाधानों का परीक्षण और सत्यापन करने में सक्षम होंगे। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि 5जी प्रौद्योगिकी शासन को सुगम बनाएगी और कई क्षेत्रों में व्यापार करने में आसानी में सकारात्मक बदलाव करेगी, जिससे कई क्षेत्रों में अधिक रोजगार सृजित होंगे। काउंटरप्वाइंट रिसर्च के शोध निदेशक तरुण पाठक के अनुसार, यह साबित करता है कि 5जी जैसी उभरती और नवीनतम तकनीक में स्वदेशीकरण संभव है। पाठक ने आईएएनएस से कहा, इससे स्थानीय प्रतिभाओं को बढ़ावा मिलना चाहिए और उभरती प्रौद्योगिकियों में भारत की छवि को और समर्थन और मजबूती मिलनी चाहिए, जो एक मजबूत 5जी पारिस्थितिकी तंत्र पर बनाया जाएगा। मोदी ने कहा कि 2जी युग निराशा, भ्रष्टाचार और नीतिगत पक्षाघात से भरा था। उन्होंने कहा, 2जी काल की निराशा, हताशा, करप्शन, पॉलिसी पैरालिसिस से बाहर निकलकर देश ने 3जी से 4जी और अब 5जी और 6जी की तरफ तेजी से कदम बढ़ाए हैं। अब हम 5जी तकनीक का परीक्षण कर रहे हैं, जिसे संचार मंत्रालय, चेन्नई और दिल्ली में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारा विकसित किया गया है। टेलीकॉम सेक्टर स्किल काउंसिल के सीईओ अरविंद बाली ने कहा कि नई तकनीक और बुनियादी ढांचे को अपनाने के लिए कौशल के साथ-साथ कर्मचारियों की स्किलिंग/अपस्किलिंग यह सुनिश्चित करेगी कि 5जी सेवाओं के लाइव होने पर मानव संसाधन की पर्याप्त आवश्यकता हो। बाली ने कहा, हम सभी हितधारकों के साथ, पहले से ही नए जमाने की प्रौद्योगिकियों में कार्यबल का प्रशिक्षण चला रहे हैं और 5जी प्रौद्योगिकी पर एकीकृत क्रेडिट ढांचे के साथ एनएसक्यूएफ-संरेखित पाठ्यक्रम विकसित किए गए हैं, जिन्हें समय आने पर प्रशिक्षित प्रतिभा बल में इस विशाल आगामी मांग को पूरा करने के लिए विश्वविद्यालयों और संस्थानों में मान्यता दी जाएगी। घरेलू विनिर्माण पर जोर देते हुए मोदी ने यह भी कहा कि मोबाइल विनिर्माण इकाइयां 2014 में सिर्फ दो से बढ़कर देश में 200 से अधिक हो गई हैं। विशेषज्ञों ने कहा कि अगली चुनौती वास्तविक स्थानीय मूल्यवर्धन को बढ़ावा देना है। पाठक ने कहा, यह एक मजबूत नियामक और नीतिगत वातावरण और प्रदर्शन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना द्वारा संचालित होगा। प्रभु राम ने कहा कि भारत में मोबाइल निर्माण मेक इन इंडिया मिशन की एक प्रभावशाली सफलता की कहानी रही है। उन्होंने आगे कहा, भारत में आज मोबाइल उत्पादन न केवल बढ़ती घरेलू डिजिटल अर्थव्यवस्था, बल्कि दुनिया भर के विकसित बाजारों को भी पूरा करता है। घरेलू स्तर पर मूल्यवर्धन में वृद्धि के साथ, भारत अब धीरे-धीरे ग्लोबल वैल्यू चेन का एक अभिन्न अंग बन रहा है। –आईएएनएस एकेके/एसजीके

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