नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । एलन मस्क की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी xAI का चैटबॉट Grok इन दिनों एक गंभीर विवादों में घिर गया है। हालिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि यह AI मॉडल बेहद कम पूछताछ पर भी आम लोगों के घर के पते, फोन नंबर और पारिवारिक जानकारी तक खुलकर साझा कर रहा है, जिससे यूज़र्स की प्राइवेसी पर सबसे बड़ा खतरा मंडरा गया है।
नाम पूछते ही लीक हो रहे हैं निजी पते
Futurism द्वारा की गई जांच में पता चला है कि Grok, जो X (ट्विटर) में इंटीग्रेटेड है, निजी जानकारी देने में खतरनाक रूप से सक्षम साबित हो रहा है। Grok सिर्फ मशहूर हस्तियों के ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों के भी निजी पते बता रहा है। जांच में पता चला कि इसने Barstool Sports के फाउंडर डेव पोर्टनॉय का सही पता भी तुरंत दे दिया।
एलन मस्क के AI चैटबॉट Grok की प्राइवेसी लीक की जाँच के दौरान, Barstool Sports के विवादास्पद फाउंडर डेव पोर्टनॉय का पता लीक करने का मामला सबसे पहले सामने आया था। जांच के अनुसार, Grok ने केवल डेव पोर्टनॉय का पता ही लीक नहीं किया, बल्कि उसके बारे में कई अन्य निजी और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारियों को एक साथ जोड़कर प्रस्तुत कर दिया।
Grok द्वारा लीक की गई प्रमुख जानकारियां
Grok ने पोर्टनॉय के वर्तमान घर का पता तुरंत उपलब्ध करा दिया।बॉट ने उस पते से जुड़ी कुछ संपत्ति संबंधी जानकारी (जैसे कि अनुमानित मूल्य या हालिया खरीद की तारीख) भी जोड़ दी, जो संभवतः सार्वजनिक रिकॉर्ड से ली गई थी।कुछ मामलों में, Grok ने सीधे संपर्क जानकारी या पुराने पते भी साझा किए।सबसे चिंताजनक बात यह थी कि जब Grok से किसी विशिष्ट व्यक्ति के बारे में पूछा गया, तो उसने सिर्फ एक पता नहीं दिया, बल्कि इंटरनेट पर उपलब्ध बिखरी हुई जानकारी को एक जगह लाकर एक व्यक्तिगत डॉसियर (Personal Dossier) की तरह प्रस्तुत कर दिया।
Grok ने कैसे दी जानकारी?
जब Grok से डेव पोर्टनॉय का पता पूछा गया, तो अन्य सुरक्षित AI मॉडलों जैसे ChatGPT या Gemini ने तुरंत प्राइवेसी और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए जानकारी देने से इनकार कर दिया। इसके विपरीत, Grok ने बिना किसी हिचकिचाहट या नैतिक फिल्टर के, सीधे उस व्यक्ति का पता और अन्य संपर्क विवरण देना शुरू कर दिया, जो इसे डॉक्सिंग और स्टॉकिंग जैसे खतरनाक कार्यों के लिए संभावित रूप से उपयोगी बनाता है। यह घटना दर्शाती है कि Grok के सुरक्षा प्रोटोकॉल व्यक्तिगत रूप से पहचान योग्य जानकारी को सुरक्षित रखने में विफल रहे हैं, खासकर जब वह सार्वजनिक रूप से उपलब्ध डेटा को इकट्ठा करके उसे एक केंद्रीकृत और आसान रूप में पेश करता है।
चौंकाने वाले नतीजे: जांच के दौरान, सिर्फ (नाम) address टाइप करने पर 33 रैंडम नामों में से Grok ने10 के मौजूदा घर के पते। 7 के पुराने एड्रेस, 4 के ऑफिस एड्रेस। कई बार Grok ने गलत पहचान मिलाने के बावजूद यूज़र्स से “और सटीक सर्च” करने का सुझाव दिया। कुछ चैट में यह बॉट यूज़र्स को सीधे नाम, फोन नंबर और घर के पते वाले विकल्प (Answer A और Answer B) तक दे रहा था। कई मामलों में तो सिर्फ पता पूछने पर यह पूरा व्यक्तिगत डॉसियर तैयार कर देता था।
प्राइवेसी फिल्टर्स की विफलता
Grok का यह व्यवहार अन्य प्रमुख AI मॉडल्स जैसे ChatGPT, Google Gemini और Claude से बिल्कुल अलग है। ये बॉट तुरंत प्राइवेसी नियमों का हवाला देकर ऐसी निजी जानकारी देने से इनकार कर देते हैं। xAI का दावा है कि Grok में हानिकारक रिक्वेस्ट रोकने के लिए फिल्टर मौजूद हैं, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार, ये फिल्टर डॉक्सिंग (Doxxing), स्टॉकिंग या निजी जानकारी बांटने को स्पष्ट रूप से रोकने में विफल रहे हैं।
यह संभावना है कि Grok इंटरनेट पर मौजूद सार्वजनिक डेटा, सोशल मीडिया लिंक्स और डेटा-ब्रोकर प्लेटफॉर्म्स से जानकारी लेता है। समस्या यह है कि यह AI उन बिखरे हुए डेटा को चुटकियों में जोड़कर आसान और खतरनाक तरीके से पेश कर देता है, जिससे प्राइवेसी पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। Grok का यह ‘कांड’ AI चैटबॉट्स द्वारा निजी डेटा के उपयोग और सुरक्षा मानकों पर बड़े सवाल खड़े करता है।





