नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने करदाताओं को बड़ी राहत दी है। अब आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तारीख एक दिन बढ़ाकर 16 सितंबर 2025 कर दी गई है। इससे लाखों टैक्सपेयर्स को फाइलिंग की तैयारी के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है।
आयकर विभाग ने ITR फाइलिंग की डेडलाइन पर फिर बदलाव किया है। पहले अंतिम तारीख 31 जुलाई 2025 थी, जिसे बढ़ाकर 15 सितंबर किया गया था। अब करदाताओं को एक दिन और राहत मिली है और नई डेडलाइन 16 सितंबर 2025 तय कर दी गई है।
करदाताओं को आयकर विभाग की बड़ी राहत
आयकर विभाग ने प्रेस रिलीज जारी कर बताया कि इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तारीख अब 16 सितंबर कर दी गई है। विभाग का कहना है कि यह फैसला उन करदाताओं की सुविधा के लिए लिया गया है, जिन्हें ई-फाइलिंग पोर्टल पर तकनीकी दिक्कतों के कारण परेशानी हो रही थी।
आयकर विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि ई-फाइलिंग पोर्टल पर जरूरी अपडेट और तकनीकी बदलावों के लिए 16 सितंबर की आधी रात 12 बजे से सुबह 2:30 बजे तक मेंटेनेंस होगा। इस दौरान करदाता पोर्टल का उपयोग नहीं कर पाएंगे।
अंतिम समय में झेलनी पड़ सकती पेनल्टी
आईटीआर फाइलिंग की डेडलाइन एक दिन बढ़ने से करदाताओं को राहत जरूर मिली है, लेकिन आयकर विभाग ने अपील की है कि सभी लोग समय पर रिटर्न दाखिल करें। विभाग ने चेतावनी दी है कि आखिरी समय तक इंतजार करने पर तकनीकी दिक्कतें और पेनल्टी झेलनी पड़ सकती हैं।
तगड़ा लग सकता है जुर्माना?
समय पर ITR फाइल करना बेहद जरूरी है, क्योंकि देर होने पर आयकर विभाग जुर्माना वसूलता है। इनकम टैक्स एक्ट की धारा 234F के तहत तय डेडलाइन के बाद रिटर्न भरने वालों पर पेनल्टी लगती है। 5 लाख रुपये से अधिक आय वालों को 5,000 रुपये तक और 5 लाख से कम आय वालों को 1,000 रुपये का जुर्माना देना पड़ सकता है।
देर से भरे ITR तो हो सकती है ये दिक्कतें
आईटीआर समय पर न भरने पर सिर्फ जुर्माना ही नहीं, कई और दिक्कतें भी होती हैं। सेक्शन 234A के तहत टैक्स बकाया पर हर महीने 1% ब्याज देना पड़ता है। देर से रिटर्न भरने पर प्रोसेसिंग और रिफंड दोनों में देरी होती है। वहीं, गलत या छिपाई गई जानकारी पर आयकर कानून के तहत 3 महीने से 2 साल तक की जेल भी हो सकती है।





