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कच्चे जूट की कीमत संबंधी सीमा को हटाने का फैसला - किसानों, मिलों और एवं उद्यमों को मिलेगी मदद

नई दिल्ली, 19 मई (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने कच्चे जूट के व्यापार के बाजार संबंधी आयामों का सावधानीपूर्वक विश्लेषण किया है। इस महत्वपूर्ण विश्लेषण के उपरांत 30 सितंबर, 2021 से प्रभावी कच्चे जूट के टीडी5 ग्रेड के लिए जूट मिलों और अन्य अंतिम उपयोगकर्ताओं द्वारा कच्चे जूट की खरीद पर 6500 रुपये प्रति क्विंटल की निर्धारित कीमत संबंधी सीमा को हटा दिया गया है। केंद्र सरकार के जूट आयुक्त कार्यालय के मुताबिक उन्होने औपचारिक एवं अनौपचारिक स्रोतों के जरिए कच्चे जूट की कीमतों के बारे में जानकारी एकत्र की है। एकत्र की गई जानकारी में यह पाया गया है कि वर्तमान कीमतें निर्धारित कीमत संबंधी सीमा के करीब चल रही हैं। कच्चे जूट की मौजूदा कीमत लगभग 6500 रुपये होने को देखते हुए भारत सरकार ने दिनांक 20 मई 2022 से कीमत संबंधी सीमा हटाने का एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। केंद्र सरकार का मानना है और यह उम्मीद जताई है कि कीमत संबंधी सीमा हटाने से जूट के किसानों, मिलों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को मदद मिलेगी। सरकार का कहना है कि लगभग 40 लाख जूट किसानों के अलावा 7 लाख से अधिक लोग जूट व्यापार पर निर्भर हैं। कीमतों में गिरावट के रूझान से जूट के सामानों के निर्यात, जोकि मूल्य की ²ष्टि से इस उद्योग के कुल कारोबार का लगभग 30 प्रतिशत है, को भी फायदा होगा। --आईएएनएस जीसीबी/एएनएम

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