Fuel Demand: देश में पेट्रोल-डीजल की खपत रिकॉर्ड लेवल पर; पेट्रोल की मांग 6.4% बढ़ी, जानें रसोई गैस की डिमांड

Fuel Demand: वित्त वर्ष 2023-24 में देश में ईंधन की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची है। इसका आंकड़ा आर्थिक गतिविधियां बढ़ने के साथ वाहनों की बिक्री में उछाल को बताता है।
पेट्रोल-डीजल की मांग बढ़ी।
पेट्रोल-डीजल की मांग बढ़ी।रफ्तार।

नई दिल्ली, रफ्तार। भारत में ईंधन की मांग रिकॉर्ड लेवल पर आ गई है। आर्थिक गतिविधियां बढ़ने के साथ वाहनों की बिक्री बढ़ने से ईंधनों की खपत बढ़ी है। कारों के अलावा टू-व्हीलर की बिक्री बढ़ने से पेट्रोल की खपत और कृषि सेक्टर में काम आने वाले वाहनों की बिक्री बढ़ने से डीजल की मांग रिकॉर्ड लेवल पर है। पिछले वर्ष देश में पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की खूब मांग रही और इसका असर भी दिखा है। वित्त वर्ष 2023-24 में ईंधनों की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची थी। पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस, बिटुमिन जैसे पेट्रोलियम उत्पादों की खपत वित्त वर्ष 2023-24 में 5 फीसदी बढ़कर 23 करोड़ 32 लाख 76 हजार टन पर पहुंची। यह जानकारी आधिकारिक आंकड़ों में सामने आई है।

पेट्रोल की मांग बढ़ी

बीते वित्त वर्ष में कारों और दो पहिया वाहनों की बिक्री बढ़ने से पेट्रोल की मांग 6.4 फीसदी बढ़ गई है। यह कुल ईंधन मांग में पेट्रोल के बढ़ते हिस्से को भी दर्शाता है।

फ्यूल की खपत 23 करोड़ 32 लाख 76 हजार टन

पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस, बिटुमिन जैसे पेट्रोलियम उत्पादों की खपत वित्त वर्ष 2023-24 में 5 फीसदी बढ़कर 23 करोड़ 32 लाख 76 हजार टन पर पहुंची। पिछले वित्त वर्ष 2022-23 में पेट्रोलियम पदार्थों की खपत 22 करोड़ 30 लाख 21 हजार टन थी।

डीजल की बिक्री 4.5 फीसदी बढ़ी

प्रमुख रूप से ट्रकों, बसों, कृषि सेक्टर में इस्तेमाल होने वाले डीजल की बिक्री में एक साल पहले की तुलना में 2023-24 में 4.4 फीसदी बढ़ी है। यह देश में आर्थिक गतिविधि के ऊंचे स्तर को दिखाता है।

कोलतार की सेल में इजाफा

सड़क बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले कोलतार की बिक्री 9.9 फीसदी बढ़ी है। सरकार ने अर्थव्यवस्था में विकास को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी ढांचा परियोजनाएं चला रखी हैं। फर्टिलाइजर बनाने में इस्तेमाल होने वाले नेफ्था की बिक्री में भी ऊंची बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

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