नई दिल्ली, रफ्तार। मई की शुरुआत से पहले केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने कर्मचारियों को बच्चों की पढ़ाई के लिए अधिक भत्ता और हॉस्टल सब्सिडी की सीमा बढ़ाई है। हाल में महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) में इजाफा किया गया था। फिर लोकसभा चुनावों की घोषणा से पहले कई राज्य सरकारों ने अपने कर्मचारियों के डीए बढ़ाने की घोषणा की थी, जो एक जनवरी से लागू हो चुका है।
डीए के कारण बढ़ता है शिक्षा भत्ता
इस संबंध में कार्मिक मंत्रालय ने सोमवार को आदेश जारी किया था। इसमें बताया गया कि शिक्षा भत्ता और छात्रावास सब्सिडी की सीमा बढ़ा दी गई है। मंत्रालय ने साल 2018 के दिशा-निर्देश का हवाला देते हुए बताया कि आदेश में प्रावधान है कि जब संशोधित वेतन में महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत तक बढ़ जाएगा तो बच्चों के शिक्षा भत्ते और छात्रावास सब्सिडी की सीमा स्वाभाविक रूप से 25 प्रतिशत बढ़ जाएगी। मंत्रालय ने यह बताया कि इसी साल एक जनवरी से केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी के मद्देनजर बच्चों के शिक्षा भत्ता और छात्रावास सब्सिडी की राशि को लेकर जानकारी मांगी गई है।
शिक्षा भत्ता और छात्रावास सब्सिडी में वृद्धि
मंत्रालय ने आदेश में बताया कि कर्मचारियों द्वारा वास्तविक खर्चों के बाद भी बच्चों के शिक्षा भत्ते की रिम्बर्समेंट राशि 2812.5 रुपए प्रति महीने होगी। छात्रावास सब्सिडी प्रति महीने 8437.5 रुपए होगा। ये संशोधन एक जनवरी से लागू हैं।
होली से पहले बढ़ा था महंगाई भत्ता और एचआरए
सरकार ने होली से पहले कर्मचारियों और पेंशनर्स के महंगाई भत्ते को 50 फीसदी किया था। पहले यह 46 फीसदी था। महंगाई भत्ता 1 जनवरी से 30 जून 2024 तक बढ़ाया गया था। केंद्रीय कर्मचारियों का हाउस रेंट अलाउंस (HRA) भी बढ़ाया गया था। अब एचआरए बढ़कर 30 फीसदी, 20 फीसदी और 10 फीसदी हुआ है।
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