नई दिल्ली, रफ्तार न्यूजः गुजरात के सूरत में हीरे के आभूषण बनाने वाली एक कंपनी किरण जेम्स, ने अपने 50,000 कर्मचारियों के लिए 17 अगस्त से 27 अगस्त तक 10 दिनों की छुट्टी की घोषणा की है। यह छुट्टी इसलिए दी जा रही है ताकि उत्पादन को कम किया जा सके, क्योंकि दुनिया भर में हीरों की मांग कम हो गई है। कंपनी ने कहा कि वह अपने कर्मचारियों को इस छुट्टी के लिए पैसे भी देगी। कंपनी के चेयरमैन वल्लभभाई लखानी ने बताया कि हीरा उद्योग में इस समय मांग कम है और इसलिए पॉलिश्ड हीरों की मांग भी नहीं है। पहली बार कंपनी ने ऐसी छुट्टी का फैसला लिया है।
गुजरात में हीरा कारखाने आमतौर पर दिवाली के समय लंबी छुट्टियां लेते हैं, लेकिन इस बार छुट्टी का ऐलान इसलिए किया गया है ताकि उत्पादन को कम किया जा सके, जिससे हीरों की कीमतें बढ़ें और उद्योग को फायदा हो। कंपनी का कहना है कि अगर अन्य हीरा कंपनियां भी ऐसा ही करती हैं, तो इससे पूरे उद्योग को फायदा हो सकता है। लखानी ने बताया कि उनकी कंपनी में 50,000 से ज्यादा लोग काम करते हैं, जिनमें से 40,000 प्राकृतिक हीरों को काटते और पॉलिश करते हैं, जबकि 10,000 लोग लेब-ग्रोन हीरों पर काम करते हैं।
लखानी ने अपना कारोबार मुंबई से सूरत डायमंड ब्रोस (SDB) में शिफ्ट किया है, जिसे दिसंबर 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटित किया था। यह कंपनी खुद को दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक हीरा निर्माता बताती है और पॉलिश्ड हीरों के सबसे बड़े निर्यातकों में से एक है। हीरों की कम मांग के कारण, डी बियर्स ने इस साल की दूसरी तिमाही में अपने कच्चे हीरों के उत्पादन में 15% की गिरावट दर्ज की है।
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