नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। दिल्ली, बेंगलुरु और मुंबई जैसे शहरों में ग्राहक BluSmart ऐप से राइड बुक नहीं कर पा रहे हैं। कई जगह ड्राइवरों ने भी काम बंद कर दिया है, जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है। बिना किसी पूर्व सूचना के सेवा रुकने से सोशल मीडिया पर भी यूज़र्स ने नाराज़गी जाहिर की है। कई यूज़र्स ने शिकायत की है कि ऐप काम नहीं कर रहा और कस्टमर केयर से कोई जवाब नहीं मिल रहा।
BluSmart बंद कर सकती है कैब सेवा, उबर से हाथ मिलाने की तैयारी
ब्लूस्मार्ट अब अपनी स्वतंत्र कैब सेवा बंद कर उबर के साथ फ्लीट पार्टनर बनने की योजना बना रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी जल्द ही अपनी 700-800 इलेक्ट्रिक कारों को उबर के प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट करना शुरू कर सकती है। इस प्रक्रिया को कई फेज़ में लागू किया जाएगा और इसके बाद ब्लूस्मार्ट की ऐप-आधारित सेवा पूरी तरह बंद हो जाएगी।
ब्लूस्मार्ट के फाउंडर्स पर गंभीर आरोप
ब्लूस्मार्ट की मूल कंपनी जेनसोल इंजीनियरिंग के प्रमोटर अनमोल सिंह जग्गी और पुनीत सिंह जग्गी पर लोन फ्रॉड और निवेशकों के पैसों के गलत इस्तेमाल के आरोप लगे हैं। SEBI ने दोनों को प्रतिभूति बाजार से प्रतिबंधित कर दिया है, जिससे कंपनी की आर्थिक स्थिति और बिगड़ गई।
क्यों उठाया ब्लूस्मार्ट ने यह कदम?
ब्लूस्मार्ट हर महीने 20 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च कर रही थी। कंपनी को फंडिंग नहीं मिल रही थी और इसकी दूसरी कंपनी जेनसोल भी कर्ज़ संकट से जूझ रही थी। ऐसे में, उबर के साथ साझेदारी करना कंपनी के लिए लागत और जोखिम कम करने का एक रास्ता बन गया। शुरुआत 2018 में अनमोल सिंह और पुनीत गोयल ने ब्लूस्मार्ट की शुरुआत की थी। पूरी तरह इलेक्ट्रिक कैब सेवा देना। 8,500 से ज्यादा ईवी कारें और 5,800 चार्जिंग स्टेशन। दुबई में शुरुआत: 2023 में ब्लूस्मार्ट ने दुबई में भी सेवाएं शुरू की थीं, लेकिन अब वहां भी संचालन बंद कर दिया गया है। हाल के महीनों में कंपनी की डेली राइड्स घटकर आधे से भी कम हो गई हैं। कई टॉप अधिकारी कंपनी छोड़ चुके हैं।
Uber के लिए क्या है प्लान?
उबर ने 2023 में “Uber Green” नाम से इलेक्ट्रिक कार सेवा शुरू की थी। कंपनी का लक्ष्य अपने प्लेटफॉर्म पर 25,000 इलेक्ट्रिक व्हीकल्स लाना है। ब्लूस्मार्ट के पास मौजूदा ईवी बेड़ा है, जो इस योजना में फिट बैठता है। ब्लूस्मार्ट इस बदलाव के जरिए उबर से 15-20 मिलियन डॉलर का निवेश भी जुटाने की कोशिश कर रही है। ब्लूस्मार्ट ने एक स्टेटमेंट में कहा है कि, “हम हमेशा की तरह काम कर रहे हैं और जल्द ही आधिकारिक जानकारी साझा करेंगे।” हालांकि ज़मीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। अगर यह बदलाव सफल होता है, तो ब्लूस्मार्ट का नाम तो दिखाई नहीं देगा, लेकिन उसकी कारें उबर के जरिए सड़कों पर दौड़ती रहेंगी।





