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Monday, March 16, 2026
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अडानी को लेकर Bloomberg का फिर बड़ा खुलासा! जानें क्या 29 हजार करोड़ Loan का मामला?

Adani Group: देश के बड़े उद्योगपति गौतम अडानी के अडानी ग्रुप को लेकर ब्लूमबर्ग (Bloomberg) ने फिर बड़ा खुलासा किया है। ब्लूमबर्ग ने दावा किया है कि 29 हजार करोड़ का सिंडिकेटेड लोन मिलने वाला है।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। देश के बड़े उद्योगपति गौतम अडानी के अडानी ग्रुप को लेकर ब्लूमबर्ग (Bloomberg) ने फिर बड़ा खुलासा किया है। ब्लूमबर्ग (Bloomberg) ने दावा किया है कि 3.5 अरब डॉलर यानी 29 हजार करोड़ का सिंडिकेटेड लोन मिलने वाला है। एजेंसी ने कहा है कि इस भारी-भरकम लोन का इस्तेमाल अंबुजा सीमेंट्स के अधिग्रहण के लिए अडानी ग्रुप द्वारा लिए गए कर्ज की री-फाइनेंसिंग में किया जाना है। रिपोर्ट के मुताबिक लोन को कई बैंक मिलकर देंगे।

तीन बैंकों को कर्ज देने के लिए आंतरिक मंजूरी मिली : रिपोर्ट

रिपोर्ट में बताया है कि अडानी ग्रुप को लोन देने पर विचार कर रहे वित्तीय संस्थानों के सिंडिकेट में शामिल तीन बैंकों ने कर्ज देने के लिए आंतरिक मंजूरी ले ली है। ये बैंक हैं–बार्कलेज (Barclays Plc), डॉयचे बैंक (Deutsche Bank AG) और स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक (Standard Chartered Plc) हैं। ब्लूमबर्ग के अनुसार अडानी ग्रुप को दिए जाने वाले 3.5 अरब डॉलर के इस सिंडिकेटेड लोन में हर बैंक 250 मिलियन डॉलर यानी करीब 2000 करोड़ रुपए देगा। ब्लूमबर्ग के मुताबिक बार्कलेज, डॉयचे और स्टैंडर्ड चार्टर्ड के प्रवक्ताओं ने मामले में कोई टिप्पणी करने से इनकार किया। अडानी ग्रुप के एक प्रतिनिधि ने भी मामले में टिप्पणी नहीं कर रहे।

एशिया के सबसे बड़े सौदों में गिना जाएगा

ब्लूमबर्ग ने बताया था कि एक और बड़े कंसोर्टियम में शामिल कुछ बैंक भी अडानी ग्रुप को कर्ज देने पर विचार कर रहे। इसमें एक-एक बैंक 400 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी 3300 करोड़ रुपए लोन दे सकता है। यह पूरा सिंडिकेटेड लोन मंजूर हुआ तो इसे मौजूदा साल के दौरान पूरे एशिया में कर्ज के कुछ सबसे बड़े सौदों में गिना जाएगा। हालांकि उस वक्त इन बैंकों के बारे में अधिक जानकारी नहीं दी गई थी।

अडानी झटके से उबरा

यह संभावित डील का संकेत है कि अडानी ग्रुप अमेरिकी शॉर्टसेलर हिंडनबर्ग रिसर्च द्वारा लगाए गए आरोपों से लगे झटके से अब उबर चुका है। हिंडनबर्ग ने अडानी ग्रुप की कंपनियों पर शेयरों की कीमतें बढ़ाने के लिए गलत तरीकों का इस्तेमाल करने समेत कई आरोप लगाए थे। इन आरोपों का अडानी ग्रुप खंडन करता रहा। हालांकि इससे ग्रुप की कंपनियों में के शेयरों में भारी गिरावट आई थी। उसके बांड की कीमतें गिरी थीं। ब्लूमबर्ग ने इस साल फरवरी में बताया था कि उस वक्त कई अंतरराष्ट्रीय बैंकों के साथ कर्जों की री-फाइनेंसिंग को लेकर जारी बातचीत बीच में अटक गई थी।

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