नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड BSEB ने 12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है। इस साल कुल 12,92,313 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी थी, जिसमें 6,50,466 छात्र और 6,41,847 छात्राएं शामिल थीं। कुल 11,07,330 विद्यार्थी पास हुए हैं और परीक्षा में 86.50% छात्र सफल रहे हैं।
बिहार बोर्ड 12वीं के टॉपर्स की सूची जारी, इस साल टॉप 3 रैंक पर ये छात्र रहे
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड की ओर से टॉप-3 छात्रों के लिए इनाम राशि की घोषणा की गई थी। इस बार इनाम राशि बढ़ाई गई है। बोर्ड परीक्षा में नंबर वन रैंक हासिल करने वाले छात्र को 2 लाख रुपये नकद पुरस्कार दिया जाएगा। पिछले साल यह राशि 1 लाख रुपये थी। तो वहीं दूसरी पोजीशन पर इनाम राशि 1.5 लाख रुपये व तीसरी रैंक वाले छात्र को 1 लाख रुपये दिए जाएंगे। ऐसे में आइए जानते हैं कि इनाम में मिलने वाली इस राशि पर टैक्स लगता है या नहीं, अगर टैक्स लगता है तो छात्रों को टैक्स के बाद कितने रुपये मिलेंगे।
क्या इनाम की राशि पर टैक्स लगेगा?
आयकर अधिनियम के अनुसार, इनाम में मिलने वाली राशि को ‘अन्य स्रोत से आय’ के तहत रखा जाता है और इस पर टैक्स लागू होता है। हालांकि, नाबालिग छात्रों के लिए कुछ विशेष प्रावधान हैं। आयकर अधिनियम के तहत नाबालिग बच्चों की आय को दो भागों में बांटा जाता है अर्जित आय -जब बच्चा खुद किसी इनाम, टीवी शो, यूट्यूब या इंस्टाग्राम जैसी माध्यमों से कमाई करता है, तो दूसरा अनर्जित आय – जब बच्चे के नाम पर कोई निवेश होता है या उसे अन्य माध्यमों से लाभ मिलता है।
नाबालिग बच्चों को खुद टैक्स नहीं चुकाना पड़ता
आयकर अधिनियम की धारा 64(1A) के तहत नाबालिग बच्चों की अर्जित आय उनके माता-पिता की आय में जोड़ी जाती है। यदि माता-पिता दोनों कमाते हैं, तो जिस माता-पिता की आय अधिक होगी, उसी की इनकम में इसे जोड़ा जाएगा और टैक्स उसी पर लगेगा। धारा 10(32) के अनुसार, यदि नाबालिग की सालाना आय 1500 रुपये तक है तो उस पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। लेकिन यदि यह राशि 1500 रुपये से अधिक है, तो इसे माता-पिता की आय में जोड़कर टैक्स लगाया जाएगा।
लॉटरी और अन्य इनामों पर टैक्स
यदि कोई बच्चा लॉटरी या किसी अन्य तरह के लक बेस्ड प्रतियोगिता में इनाम जीतता है, तो उस पर 30% TDS टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स लगाया जाता है। इसके अलावा 10% सरचार्ज और 4% सेस भी लागू होता है। बिहार बोर्ड टॉपर्स को मिलने वाली इनामी राशि पर टैक्स का प्रावधान है, लेकिन नाबालिग छात्रों के मामले में यह माता-पिता की आय में जोड़ा जाता है। अगर इनामी राशि पर टीडीएस नहीं कटा होता, तो माता-पिता को इसे अपनी आय में शामिल कर टैक्स का भुगतान करना होगा। यह जानकारी आम कर नियमों पर आधारित है। अधिक जानकारी के लिए टैक्स सलाहकार से परामर्श लें।




