नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । बदलती दुनिया में काम करने के तरीके भी बदल गए हैं। अब युवा सालों तक एक ही ऑफिस में नहीं टिकते, बल्कि अपनी क्षमता के अनुसार फ्रीलांस और गिग वर्क की ओर बढ़ रहे हैं। पारंपरिक नौकरियां पीछे छूट रही हैं और लचीलापन, स्वतंत्रता और कौशल आधारित रोजगार की मांग तेजी से बढ़ रही है।
फ्रीलांस और गिग वर्करों पर कोई बंधन नहीं होता। वे अपनी सुविधा और समय के अनुसार काम कर सकते हैं। बदलती तकनीक ने इस तरह के रोजगार को बढ़ावा दिया है, जिससे गिग वर्कर तेजी से बढ़ रहे हैं और युवा अपनी स्वतंत्रता और कौशल का पूरा इस्तेमाल कर रहे हैं।
फ्रीलांस और गिग वर्करों के लिए केंद्र का बड़ा ऐलान
Zomato, Swiggy, Ola, Uber, Blinkit और Urban Company जैसी कंपनियों में काम करने वाले गिग वर्करों को सिर्फ वेतन मिलता है, लेकिन पीएफ या पेंशन जैसी सुविधाएं नहीं। इसे ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने NPS e-Shramik प्लेटफॉर्म सर्विस पार्टनर योजना शुरू की, जो इन्हें वित्तीय सुरक्षा और पेंशन जैसी सुविधाएं प्रदान करती है।
क्या है NPS e-Shramik योजना?
पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) अब गिग वर्कर्स को नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से जोड़ने जा रही है। इसका उद्देश्य उन लोगों को रिटायरमेंट सिक्योरिटी देना है, जो नियमित नौकरी में नहीं हैं, ताकि उनका भविष्य वित्तीय रूप से सुरक्षित हो।
अब Ola, Swiggy, Blinkit जैसी कंपनियों में काम करने वाले गिग वर्कर भी इस स्कीम में रजिस्टर होकर अपने भविष्य के लिए पेंशन जमा कर सकते हैं और रिटायरमेंट सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं।
इस योजना में ऐसे कर सकते हैं रजिस्ट्रेशन
इस योजना का लाभ उठाने के लिए गिग वर्करों को सबसे पहले Quick PRAN बनवाना होगा। इसके तहत उनकी व्यक्तिगत जानकारी जैसे नाम, पता, पैन नंबर और बैंक अकाउंट की सत्यापन प्रक्रिया पूरी की जाएगी, ताकि पेंशन योजना में सुरक्षित और सही तरीके से नाम दर्ज हो सके।
पेंशन खाते का पूरा विवरण सुरक्षित
इसके बाद गिग वर्कर की सहमति से PRAN (Permanent Retirement Account Number) जारी किया जाएगा। PRAN बनने के बाद वर्कर को अपने माता-पिता, ईमेल और नॉमिनी की जानकारी 60 दिनों के भीतर उपलब्ध करानी होगी, ताकि पेंशन खाते का पूरा विवरण सुरक्षित और सटीक तरीके से दर्ज किया जा सके।





