नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । पंजाब नेशनल बैंक को करोड़ों का चूना लगाने वाले लोन डिफॉल्टर मेहुल चोकसी को बेल्जियम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जिसके बाद भारत की ओर से उसे प्रत्यर्पित करने के प्रयास जारी हैं। बेल्जियम ने स्पष्ट किया है कि भारत ने बेल्जियम से उसके प्रत्यर्पण का अनुरोध किया है। इस बीच, मेहुल चोकसी की गिरफ्तारी के बाद एक सवाल उठाया जा रहा है कि इस मामले का दूसरा ठग और मेहुल चोकसी का साथी नीरव मोदी कहां है ?
नीरव मोदी पर पंजाब नेशनल बैंक से करीब 6,498.20 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है और वह इस मामले में मुख्य आरोपी है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) भी मामले की जांच कर रही है। ईडी के मुताबिक 6,498.20 करोड़ रुपये के पीएनबी बैंक धोखाधड़ी मामले में ईडी ने PMLA एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। नीरव मोदी और उसके सहयोगियों को भगोड़ा घोषित किए जाने के बाद आर्थिक अपराधी मानते हुए उसकी कुल 692.90 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति जब्त कर ली गई।
इसके अलावा धोखाधड़ी का शिकार हुए बैंक को 1052 करोड़ 42 लाख रुपये की संपत्ति वापस कर दी गई है। वह फिलहाल लंदन के वेस्टमिंस्टर जेल में हैं। उसे मार्च 2019 में गिरफ्तार किया गया था। नीरव मोदी ने पिछले साल ब्रिटेन की एक अदालत में जमानत के लिए आवेदन किया था। इसे वहां की अदालत ने खारिज कर दिया है। इसके बाद नीरव मोदी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
नीरव मोदी के प्रत्यर्पण पर भी फोकस
भारत में नीरव मोदी के खिलाफ तीन जांच एजेंसियां काम कर रही हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) भी उनकी तलाश में है, क्योंकि उस पर पंजाब नेशनल बैंक (PNB) धोखाधड़ी से संबंधित एक आपराधिक मामला दर्ज है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उस पर धोखाधड़ी की आय के कथित धन शोधन के संबंध में और पुलिस ने कथित गवाहों से छेड़छाड़ के संबंध में मामला दर्ज किया है। इस बीच, नीरव मोदी के प्रत्यर्पण पर भी ध्यान दिया जा रहा है। नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चोकसी पर फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग का इस्तेमाल कर सरकारी पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) से 13,500 करोड़ रुपये की सार्वजनिक धनराशि लूटने का आरोप है।
मेहुल चोकसी का भारत प्रत्यर्पण आसान नहीं
पंजाब नेशनल बैंक घोटाले का पर्दाफाश करने वाले हरिप्रसाद एसवी ने लोन डिफॉल्टर मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण पर संदेह जताया है। हरिप्रसाद एस.वी. ने कहा, “डोमिनिका में गिरफ़्तारी के दौरान चोकसी ने कानूनी कार्यवाही से बचने की कोशिश की थी। चोकसी का प्रत्यर्पण कोई आसान काम नहीं है। उसकी जेबें भरी हुई हैं। विजय माल्या की तरह, चोकसी भी प्रत्यर्पण से बचने के लिए यूरोप में सबसे अच्छे वकीलों को नियुक्त कर सकता है। इसलिए, उसे भारत लाना इतना आसान नहीं होगा।”





