स्मॉल कैप फंड।
स्मॉल कैप फंड।रफ्तार।

Small Cap Funds: एक साल में 50% रिटर्न, ये हैं इस साल की स्मॉल कैप फंड्स में टॉप-10 स्कीम

Small Cap: इक्विटी म्‍यूचुअल फंड (equity-mutual-funds) को लेकर निवेशक भले ही नवंबर में कुछ सतर्क रहे हों, लेकिन स्‍मॉल कैप फंड (smallcap funds) कैटेगरी पर भरोसा कायम है।

नई दिल्ली, रफ्तार। इक्विटी म्‍यूचुअल फंड (equity-mutual-funds) को लेकर निवेशक भले ही नवंबर में कुछ सतर्क रहे हों, लेकिन स्‍मॉल कैप फंड (small cap funds) कैटेगरी पर भरोसा कायम है। इक्विटी सेग्‍मेंट की इस कैटेगरी में फ्लो मजबूत है। मजबूत और लगातार फ्लो और बाजार की फेवरेबल परिस्थितियों के कारण नवंबर अंत में स्मॉल कैप म्यूचुअल फंड कैटेगरी का एसेट बेस सालाना आधार पर 69 फीसदी बढ़कर 2 लाख करोड़ से अधिक हो चुका है। इस साल नवंबर तक स्‍मॉल कैप फंड योजनाओं में 37178 करोड़ का निवेश हुआ है। जबकि, लार्ज कैप से 2688 करोड़ की निकासी की गई है।

स्मॉल कैप फंड क्या है?

स्मॉल कैप म्यूचुअल फंड मुख्य रूप से 5000 करोड़ से कम मार्केट कैपिटल वाली कंपनियों में निवेश करते हैं। यह इक्विटी म्यूचुअल फंड की सब-कैटेगरी है। इनका प्रदर्शन बाजार के उतार-चढ़ाव से प्रभावित होता है। स्मॉल कैप कंपनियों में बाजार में गिरावट के दौरान अधिक अस्थिरता यानी वोलैटिलिटी दिखाई देती है। हालांकि बेस्ट स्मॉल-कैप म्यूचुअल फंड में लंबी अवधि में हाई रिटर्न देने की क्षमता रहती है। स्मॉल-कैप फंड में, फंड मैनेजर पोर्टफोलियो का कम-से-कम 65 फीसदी स्मॉल-कैप शेयरों में निवेश करता है।

स्मॉल कैप में इतना निवेश की वजह

स्मॉल कैप में लंबे समय तक इंडेक्‍स ने अंडर परफॉर्म किया था। इसके चलते स्मॉल कैप का वैल्यूएशन आकर्षक स्तरों पर था। दूसरा ग्लोबल स्तर पर भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत दिख रही। रेटिंग एजेंसियां भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर सकारात्मक बनी हैं। वहीं, दुनियाभर के बाजारों की तुलना में भारतीय बाजार में स्टेबिलिटी और फ्लेक्सिबिलिटी बनी है, इसीलिए घरेलू के साथ विदेशी निवेशकों का भरोसा बना है। वे इस ग्रोथ के भागीदार बनने के लिए लोग मिड कैप और स्मॉल कैप में पैसे डाल रहे हैं, क्योंकि लार्ज कैप में बेहतर रिजल्ट नहीं आ पा रहे हैं।

एक वर्ष में बेस्ट रिटर्न वाले 10 फंड

Axis Nifty Smallcap 50 Index: 50 प्रतिशत

ABSL Nifty Smallcap 50 Index: 50 प्रतिशत

Bandhan Small Cap: 46.50 प्रतिशत

ITI Small Cap: 46.46 प्रतिशत

Franklin Ind Smaller Companies: 45.77 प्रतिशत

Quant Small Cap: 42.56 प्रतिशत

Nippon Ind Small Cap: 42.29 प्रतिशत

HSBC Small Cap: 42.28 प्रतिशत

Sundaram Small Cap: 40.43 प्रतिशत

Motilal Oswal Nifty Smallcap 250: 39.86 प्रतिशत

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