नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। गरीबी रेखा (BPL) के अंतर्गत आने वाले परिवारों के लिए सरकार की पांच प्रमुख पेंशन योजनाएं चल रही हैं। इन योजनाओं के तहत बुजुर्गों, विधवाओं, विकलांग व्यक्तियों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को हर महीने वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जिससे उनकी जीवन गुणवत्ता में सुधार हो सके।
ये सभी पेंशन योजनाएं राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) के तहत आती हैं, जिसे ग्रामीण विकास मंत्रालय संचालित करता है। लाभार्थी इन योजनाओं का फायदा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से उठा सकते हैं। आइए सरल भाषा में जानते हैं, कौन-कौन सी योजनाएं हैं और आवेदन कैसे किया जा सकता है।
क्या है National Social Assistance Programme (NSAP)?
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम केंद्र सरकार द्वारा पूरी तरह वित्त पोषित योजना है। इसका उद्देश्य गरीबी रेखा (BPL) से नीचे रहने वाले लोगों को सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि उनकी जीवनशैली बेहतर हो और वे आर्थिक रूप से सक्षम बन सकें।
SAP योजना शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में लागू है। इसके तहत 5 प्रमुख पेंशन योजनाएं संचालित की जाती हैं:
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना (IGNOAPS)
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना (IGNWPS)
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांग पेंशन योजना (IGNDPS)
राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना (NFBS)
अन्नपूर्णा योजना (Annapurna Scheme)
1. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना (IGNOAPS)
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना (IGNOAPS) के तहत 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों को पेंशन दी जाती है। 60–79 वर्ष के बुजुर्गों को 200 रुपये प्रति माह, जबकि 80 वर्ष और उससे अधिक उम्र वालों को 500 रुपये प्रति माह केंद्र सरकार की ओर से मिलते हैं। राज्य सरकार अपनी तरफ से अतिरिक्त राशि जोड़ सकती है। आवेदक BPL परिवार से होना चाहिए।
2. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना (IGNWPS)
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना (IGNWPS) 40–79 वर्ष की आयु की विधवा महिलाओं के लिए है, जो BPL परिवार से आती हैं। 40–79 वर्ष की विधवाओं को 300 रुपये प्रति माह, जबकि 80 वर्ष और उससे ऊपर की विधवाओं को 500 रुपये प्रति माह पेंशन मिलती है। आवेदक महिला विधवा और परिवार BPL होना चाहिए।
3. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांग पेंशन योजना (IGNDPS)
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांग पेंशन योजना (IGNDPS) 18–79 वर्ष आयु के गंभीर या बहुविकलांग व्यक्तियों के लिए है। योग्य विकलांग व्यक्ति को 300 रुपये प्रति माह, जबकि 80 वर्ष से अधिक आयु वालों को 500 रुपये प्रति माह पेंशन दी जाती है। इसके लिए विकलांगता प्रमाणपत्र और BPL परिवार होना आवश्यक है
4. राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना (NFBS)
राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना (NFBS) उन परिवारों के लिए है, जिनका मुख्य कमाने वाला सदस्य 18–59 वर्ष की आयु में निधन हो जाता है। ऐसे परिवारों को एकमुश्त 20,000 रुपये आर्थिक सहायता दी जाती है। इसके लिए मृतक व्यक्ति परिवार का मुख्य कमाने वाला होना चाहिए और परिवार BPL श्रेणी में शामिल होना चाहिए।
5. अन्नपूर्णा योजना (Annapurna Scheme)
अन्नपूर्णा योजना (Annapurna Scheme) उन वरिष्ठ नागरिकों के लिए है जो IGNOAPS के पात्र होने के बावजूद पेंशन नहीं ले पा रहे हैं। इस योजना के तहत सरकार हर महीने 10 किलो मुफ्त अनाज प्रदान करती है। इसके लिए आवेदक की उम्र 65 वर्ष या अधिक और परिवार BPL श्रेणी में होना जरूरी है।
NSAP योजनाओं की खास बातें
NSAP योजनाओं के तहत पात्र लाभार्थियों की पहचान ग्राम पंचायत और नगर पालिका स्तर पर की जाती है। लगभग 94% लाभार्थियों को DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से बैंक या डाक खाते में पेंशन भेजी जाती है। कुछ मामलों में, यदि व्यक्ति बैंक नहीं जा सकता, तो कैश डिलीवरी उनके घर तक की जाती है। प्रत्येक राज्य में एक Nodal Secretary इन योजनाओं की निगरानी करता है, और हर तिमाही रिपोर्ट देना अनिवार्य है, वरना अगली किस्त की केंद्रीय सहायता रोक दी जाती है।
कैसे करें ऑनलाइन आवेदन?
सरकार ने NSAP योजनाओं को UMANG App और वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया है, जिससे आप घर बैठे आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए निम्नलिखित स्टेप्स को फॉलो करें:
- UMANG App डाउनलोड करें या वेबसाइट पर जाएं।
- मोबाइल नंबर से लॉगिन करें या नया अकाउंट बनाएं।
- सर्च बार में “NSAP” टाइप करें।
- “Apply Online” पर क्लिक करें।
- अपनी जानकारी भरें, बैंक डिटेल डालें, फोटो अपलोड करें और “Submit” पर क्लिक करें।
इस प्रक्रिया से आप आसानी से आवेदन कर सकते हैं।
ऑफलाइन आवेदन करने के लिए, आप अपने नजदीकी ग्राम पंचायत कार्यालय, नगर पालिका, या ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिस (BDO) में जाकर फॉर्म भर सकते हैं। वहाँ पर आपको आवेदन फॉर्म मिलेगा, जिसे सही जानकारी के साथ भरकर संबंधित अधिकारी को जमा करना होगा। फिर, आपका आवेदन प्रोसेस किया जाएगा।




