नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। आज के समय में निवेश के लिए लोगों के सामने तीन बड़े रास्ते हैं एसआईपी, एफडी और ईएमआई। एफडी को आम तौर पर सुरक्षित माना जाता है, ईएमआई से लोग अपनी जरूरतें पूरी करते हैं, जबकि SIP धीरे-धीरे पैसा बढ़ाने का काम करता है। लेकिन सवाल यह है कि 20 साल बाद कौन आपको असली रूप से अमीर बना सकता है? आइए, एक सरल कैलकुलेशन से समझते हैं कि इन तीनों विकल्पों में क्या फर्क है और किसका पलड़ा फुल भारी होगा।
एफडी भरोसे का सबसे सुरक्षित तरीका
सबसे पहले एफडी की बात करें तो यह भरोसे का सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है। मान लीजिए आप हर महीने ₹10,000 एफडी में जमा करते हैं और बैंक 7% ब्याज देता है, तो 20 साल बाद आपका फंड लगभग ₹52 लाख हो सकता है। लेकिन महंगाई को अगर ध्यान में रखा जाए तो इस पैसे की असली वैल्यू 20 साल बाद केवल ₹15-20 लाख के आसपास ही रह सकती है। इसका मतलब एफडी आपके पैसे को बचाती है, लेकिन महंगाई के हिसाब से बढ़ा नहीं पाती।
EMI आपको अमीर नहीं बनाती, बल्कि बैंक को अमीर बनाती है
अब ईएमआई की बात करें तो यह आपको तुरंत सुख देती है, लेकिन लंबी अवधि में नुकसान ही देती है। जब आप किसी पर्सनल लोन या लग्जरी कार के लिए 20 साल तक ₹10,000 EMI भरते हैं, तो आप कुल मिलाकर लगभग ₹24 लाख तो दे ही देते हैं, साथ ही बैंक को ब्याज में लगभग ₹15-20 लाख अतिरिक्त भुगतान करना पड़ता है। 20 साल बाद आपके पास केवल एक पुरानी चीज बचती है जिसकी वैल्यू काफी कम हो चुकी होती है। इसलिए ईएमआईआपको अमीर नहीं बनाती, बल्कि बैंक को अमीर बनाती है।
सबसे महत्वपूर्ण विकल्प SIP है
तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण विकल्प एसआईपी है। एसआईपी में आप छोटे-छोटे निवेश करते हैं और कंपाउंडिंग की ताकत से लंबी अवधि में बड़ा फंड बनता है। यदि आप हर महीने ₹10,000 की एसआईपी करते हैं और औसतन 12% रिटर्न मिलता है, तो 20 साल बाद आपके पास लगभग ₹1 करोड़ का फंड बन सकता है। अगर रिटर्न 15% रहा तो यह राशि ₹1.5 करोड़ तक भी पहुंच सकती है। SIP का यही जादू है कि छोटा निवेश भी लंबे समय में बड़ा बन जाता है।
SIP का पलड़ा सबसे भारी
अंततः 20 साल की जंग में एसआईपी का पलड़ा सबसे भारी दिखता है। एफडी सुरक्षित है, लेकिन महंगाई के हिसाब से अमीर नहीं बनाती, जबकि ईएमआई सिर्फ खर्च बढ़ाती है और भविष्य की कमाई को कम कर देती है। अगर आप सच में लंबी अवधि में धन संपन्न होना चाहते हैं, तो एसआईपी सबसे अच्छा विकल्प साबित हो सकता है।





