Budget 2024: पूर्ण बजट और अंतरिम बजट में क्या होता है अंतर? जानें किस वक्त इन्हें किया जाता है पेश!

New Delhi: इस आर्टिकल में पूर्ण बजट और अंतरिम बजट में क्या अंतर है? इसके बारे में बताया गया है। ये क्या होता है, क्यों होता है, और कब-कब पेश किया जाता है।
Nirmala Sitharaman
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नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। देश की केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को संसद भवन में अंतिरम बजट पेश करेंगी। आज संसद भवन संसद सत्र शुरु होने से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दोनों सदनों को संबोधित किया और सरकार के कामों की उपलब्धियों को गिनाया। उसके बाद मोदी सरकार के नेतृत्व में संसद में इकोनॉमिक सर्वे की रिपोर्ट पेश हुई।

क्या है अंतरिम बजट?

हमारे देश में हर 5 साल में लोकसभी चुनाव होता है, इस दौरान जिस साल में लोकसभा का चुनाव होता है। उस साल दो बार वित्त मंत्री बजट पेश करते हैं। पहला बजट ऐतिहासिक तारीख 1 फरवरी को वित्त मंत्री द्वारा पेश होता है। इस साल निर्मला सीतारमण अंतरिम बजट पेश करेंगी। क्योंकि इस साल लोकसभा के चुनाव होंगे। ऐसे में केंद्र सरकार पूर्ण या यूनियन बजट पेश नहीं कर सकती। भारतीय संवैधानिक नियमों के अनुसार, तत्कालीन केंद्र सरकार केवल एक बार ही बजट पेश कर सकती है। गुरुवार 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अंतरिम बजट पेश करेंगी। अंतरिम बजट कुछ महीनों के लिए होता है, जब तक कि नई केंद्र सरकार कार्यभार नहीं संभाल लेती।

क्या है पूर्ण या यूनियन बजट?

भारतीय संवैधानिक नियमों के अनुसार, जिस साल लोकसभा का चुनाव होता है और जनता अपने मतों के प्रयोग कर सरकार संवैधानिक तौर पर सरकार बनाती है। उसके बाद केंद्र सरकार में स्थगित केंद्रीय वित्त मंत्री जून-जुलाई के बीच पूर्ण या यूनियन बजट पेश करते हैं। इस साल लोकसभा चुनाव होने के कारण दो बार बजट पेश होगा। केंद्रीय बजट पूरे वर्ष के लिए पेश किया जाता है।

अंतरिम बजट और यूनियन बजट में खर्चों का विवरण

अंतरिम बजट में पिछले साल की आय और खर्चों का जिक्र होता है। इसमें अगली सरकार द्वारा कार्यभार संभालने तक कुछ महीनों के खर्चों का जिक्र होता है। हालांकि, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अंतरिम बजट में आय के स्रोतों का विवरण नहीं दिया जाता है।

यूनियन बजट के 2 अलग-अलग भाग होते हैं, एक भाग पिछले वर्ष के खर्चों और आय से संबंधित होता है और दूसरा भाग विभिन्न उपायों के माध्यम से धन जुटाने की सरकार की योजना होती है और इसका उपयोग देश के विकास के लिए कैसे किया जाएगा। इस पर भी संसद में चर्चा होती है।

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