Budget 2024: निर्मला सीतारमण ने नॉर्थ ब्लॉक में मनाई हलवा सेरेमनी, अंतिम चरण पर पहुंची बजट की तैयारी

Budget 2024 Halwa Ceremony: अंतरिम केंद्रीय बजट 2024 के लिए बजट तैयारी प्रक्रिया के अंतिम चरण शुरू होने से पहले आज नॉर्थ ब्लॉक में हलवा सेरेमनी का आयोजन किया गया।
Budget 2024 Halwa Ceremony
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नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। केंद्र सरकार की मोदी सरकार जल्द ही अपने दूसरे कार्यकाल का आखिरी बजट पेश करने जा रहीं है। सरकार ने अपने अंतरिम बजट 2024 को पेश करने की तारीख 1 फरवरी तय की है। ऐसे माना जा रहा है कि1 फरवरी 2024 को अंतरिम बजट संसद के पटल पर रखा जाएगा और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को ही अंतरिम बजट पेश कर सकती है। आज नॉर्थ ब्लॉक में हलवा सेरेमनी के आयोजन के साथ इस पर मुहर लगती नजार आ रही है।

नॉर्थ ब्लॉक में हुआ हलवा सेरेमनी का आयोजन

गौरतलब है कि अंतरिम केंद्रीय बजट 2024 के लिए बजट तैयारी प्रक्रिया के अंतिम चरण शुरू होने से पहले आज नॉर्थ ब्लॉक में हलवा सेरेमनी का आयोजन किया गया। इस दौरान केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री डॉ भागवत कराड मौजूद रहे। बजट तैयार करने की "लॉक-इन" प्रक्रिया शुरू होने से पहले हर साल एक हलवा सेरेमनी का आयोजन किया जाता रहा है।

क्या होती है हलवा सेरेमेनी?

भारत में आजादी के बाद से ही बजट पेश होने से पहले हलवा सेरेमनी मनाई जा रही है। हलवा सेरेमनी का आयोजन हमेशा बजट की तैयारी पूरी होने के बाद किया जाता रहा है। ऐसे में इस सेरेमनी को बजट पूरा होने का भी सूचक माना जाता है। इसमें वित्त मंत्री के साथ वित्त मंत्रालय के सभी बड़े अधिकारी शामिल होते हैं। यह सेरेमनी बजट प्रेस में मनाई जाती है। बजट प्रेस नॉर्थ ब्लॉक में नीचे बेसमेंट में है। इस सेरेमनी में बड़ी कढ़ाही में हलवा बनता है और सब लोग हलवा खाते हैं। हलवा सेरेमनी के बाद बजट की छपाई शुरू हो जाती है। बजट से जुड़ी जानकारी लीक न जाए, इसके लिए हलवा बनने के बाद बजट छापने वाले 100 से अधिक कर्मचारी और अधिकारी वहीं रहते हैं जो बजट पेश होने के बाद ही निकलते हैं।

हलवा क्यों बनता है?

भारतीय संस्कृति में किसी भी शुभ कार्य की शुरूआत मीठा खाकर ही जाती है। इस वजह से इसको बजट का कार्य पूरा होने पर मनाया जाता है। इससे मंत्रालय के कर्मचारियों की मेहनत को सहारा जाता है। हलावा खिलाकर बजट बनाने में लगे अधिकारियों का मुंह मीठा कराया जाता है। हलवा सेरेमनी बजट की तैयारी पूरी हो जाने और वित्त मंत्री के बजट भाषण से पहले होती है। साल 2022 में कोरोना महामारी प्रोटोकॉल को देखते हुए हलवा सेरेमनी नहीं मनाई गई थी। उस साल बजट का दस्तावेजीकरण नहीं हुआ था। बल्कि इसे डिजिटल रूप से पेश किया गया था। उस समय हलवा सेरेमनी के बजाय मिठाई बांटी गई थी।

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