नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। लोकसभा चुनाव होने में अब एक साल से भी कम का समय बचा है। ऐसे में उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती है। बल्कि ऐसा लग रहा है कि भाजपा 2019 में हारी हुई सीटों पर भी कोई जोखिम नहीं लेना चाह रही है। यही कारण है कि भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश में मोदी सरकार के केंद्र में 9 साल पूरे होने के बाद से 30 मई से ही एक महीने का जनसंपर्क का कार्यक्रम कर रही है। इसके जरिए 2024 में होने वाले चुनाव से पहले पार्टी अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
हारी हुई सीटों के लिए विशेष प्लान
इस कार्यक्रम के जरिए पार्टी का असल ध्यान उन 16 सीटों पर हैं जिस पर पार्टी को 2019 के चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। मीडिया रिपोर्ट्स का कहना है कि पार्टी इन सीटों पर अपनी पकड़ मजूबत करना चाह रही है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि, बीजेपी का इन सीटों के लिए विशेष प्लान है, जहां प्रतिनिधि लोगों का समर्थन जुटाने और विकास कार्यों को लेकर जनता में जागरूकता फैलाने के लिए ‘टिफिन पे चर्चा’ जैसे कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे हैं। इस कार्यक्रम के जरिये 9 वर्षों में मोदी सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पहले और दूसरे कार्यकाल के दौरान अब तक हुए कामों के बारे में अधिक से अधिक जानकारी देना है।
‘टिफिन पे चर्चा’ से जीतेगी भाजपा
हाल ही में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ एक बैठक का आयोजन करने वाले बीजेपी राज्य महासचिव धर्मपाल सिंह ने कहा कि, इन सीटों पर सरकार के द्वारा किए गए कामों को बताने करने के लिए कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया है। उन्होंने कहा कि, विधायक और स्थानीय लोगों के साथ-साथ क्षेत्र के प्रभावशाली परिवारों के साथ खाने पे चर्चा की गई है। इस आयोजन के लिए अभिनेता, स्वतंत्रता सेनानी, वैज्ञानिक, डॉक्टर, खिलाड़ियों सहित लगभग 200 परिवारों की सूची तैयार की गई थी।





