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भिलाई :बीएसपी कर्मियों ने आधा दर्जन मिलों में किया काम बंद

कोरोना के कारण हो रही कर्मचारियों की मौत से भी नाराज भिलाई नगर ,24 अप्रैल(हि. स.)। नेशनल ज्वाइंट कमेटी फॉर स्टील एनजेसीएस की बैठक में कल भी वेतन समझौता नहीं होने पर आक्रोशित भिलाई इस्पात संयंत्र के युवा कर्मचारियों के द्वारा रात से यूआरएम एवं बीआरएम तथा आज सुबह वायर रॉड मिल, मर्चेंट मिल, पावर प्लांट स्टेशन 2, रेल मिल एवं कोक ओवन बैटरी नंबर 11 में काम बंद कर दिया गया है। आंदोलित कर्मचारी वेतन समझौते एवं कोरोना महामारी से ग्रसित कर्मियों का उचित उपचार नहीं होने एवं रोस्टर प्रणाली नहीं अपनाने के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। दूसरी ओर अधिशासी निदेशक कार्मिक प्रशासन एसके दुबे के द्वारा समाधान के लिए सभी यूनियन के पदाधिकारियों से चर्चा की जा रही है। जारी आंदोलन के कारण संयंत्र प्रबंधन को भारी नुकसान होने की संभावना व्यक्त की गई है। एनजेसीएस की बैठक में सेल प्रबंधन एवं यूनियन के मध्य वेतन समझौता के लिए सहमति नहीं बनने के बाद से ,आक्रोशित भिलाई इस्पात संयंत्र के युवा कर्मचारियों के द्वारा कल रात को ही यूनिवर्सल रेल मिल एवं बार रॉड मिल में काम बंद कर दिया गया था। जिसके कारण दूसरे दिन भी यूआरएम बंद है। आंदोलन की आग और बढ़कर रेल मिल मर्चेंट मिल वायर रोड, मिल ब्लास्ट फर्नेस क्रमांक 8 पावर प्लांट स्टेशन 2 तक पहुंच गई। इन सभी विभागों को आज सुबह 11 बजे से ही बंद कर दिया गया है। इस आंदोलन में करीबन 3 हजार कर्मचारी शामिल हो गए हैं । आक्रोशित युवा कर्मचारियों की प्रबंधन से मांग है शीघ्र ही वेतन समझौता किया जाए, जो विगत 4 वर्षों से लंबित है। इसके अलावा आंदोलित कर्मचारियों ने कहा कि कोरोना के कारण भारी संख्या में संयंत्र के भीतर कार्यरत कर्मचारी बीमार हो रहे हैं। कर्मचारियों के बीमार होने के बाद उनका समुचित इलाज सेक्टर 9 अस्पताल में नहीं किया जा रहा है। जिसके कारण लगातार कर्मचारियों की मौत हो रही है। इस स्थिति में प्रबंधन से एहतियातन के तौर पर रोस्टर प्रणाली लागू करने एवं उत्पादन कम करने की मांग की जाती रही है। परंतु प्रबंधन के द्वारा रोस्टर प्रणाली एवं उत्पादन कम करने की दिशा में कोई भी कदम नहीं उठाया गया है । प्रबंधन को शीघ्र ही कोरोना पीड़ित कर्मचारियों को बचाने की दिशा में उचित इलाज किया जाना चाहिए साथ ही रोस्टर प्रणाली लागू करके कार्यस्थल पर कर्मचारियों को संक्रमित होने से बचाया जाना चाहिए। समाधान के लिए युवा कर्मचारियों को मनाने के लिए संयंत्र प्रशासन के द्वारा अपने स्तर पर प्रयास शुरू कर दिए गए हैं ।इसके लिए अधिशासी निदेशक कार्मिक एवं प्रशासन एस के दुबे के द्वारा प्रत्येक यूनियन के प्रतिनिधियों को बुलाकर के चर्चा की जा रही है । इस आंदोलन के कारण संयंत्र प्रबंधन को भारी नुकसान होने की संभावना व्यक्त की गई है। हिन्दुस्थान समाचार समाचार/अभय जवादे

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