नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख ने डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस पर आरोप लगाए हैं कि उन्होंने तीन साल पहले उन पर महाविकास अघाड़ी के नेताओं के खिलाफ एफिडेविट फाइल करने का दबाव बनाया था। इसके पीछे उनका मकसद महाविकास अघाड़ी गठबंधन की सरकार को गिराना था।
अनिल देशमुख ने बताया कि तब फडणवीस ने एक बिचौलिये को उनके पास भेजा था और उन्हें ED और CBI जांच से मुक्त करने का लालच दिया गया था। अनिल देशमुख ने कहा कि उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया था, इसी के कारण उन्हें झूठे आरोपों में फंसाकर 13 महीने जेल में रखा गया था।
फडणवीस से फोन पर हुई थी बात
उन्होंने बताया कि फडणवीस के सहायक उनके पास कई बार आए, उसने फोन के जरिए उनसे बात भी करवाई थी। तब फडणवीस ने समीक्षा के लिए उनके पास दस्तावेज भी भेजे थे। उन्हें कहा गया था कि अगर अजित पवार नहीं तो उन्हें ठाकरे और अनिल परब के विरोध में बोलना होगा। उन्होंने इसे मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह के मामले से भी जोड़ा जिन्होने पूर्व मंत्री पर धन उगाही का आरोप लगाया था।
फडणवीस ने किया विरोध, बोले-आरोप झूठे
हालांकि फडणवीस ने इस आरोपों को झूठा बताया है। उन्होंने कहा कि देशमुख की खुद की पार्टी के पास उनके खिलाफ ऑडियो-विजुअल सबूत हैं और अगर उन्होंने झूठे आरोप लगाए तो उन सबूतों को सार्वजनिक करने में उन्हें ज्यादा समय नहीं लगेगा।
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