RJ Election: चूरु की 6 विधानसभा सीटों पर 56 कैंडिडेट्स मैदान में, BJP-Congress में होगा महामुकाबला

Churu: जिले की 6 विधानसभा सीटों के लिए कुल 56 उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरेंगे। सबसे अधिक 12 उम्मीदवार सादुलपुर विस सीट से किस्मत आजमा रहे हैं, जबकि सबसे कम 6 उम्मीदवार सरदारशहर विस सीट से उतरेंगे।
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चूरु, हि.स.। जिले की 6 विधानसभा सीटों के लिए कुल 56 उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरेंगे। सबसे अधिक 12 उम्मीदवार सादुलपुर विधानसभा सीट से किस्मत आजमा रहे हैं, जबकि सबसे कम 6 उम्मीदवार सरदारशहर विधानसभा सीट से उतरेंगे। इसके अलावा 6 विधानसभा में 21 निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में डटे हुए है। जो बड़ी पार्टी के उम्मीदवारों को कड़ी चुनौती देंगे।

कांग्रेस की कब्जे वाली तारानगर सीट अब हॉट सीट बनी

कांग्रेस की कब्जे वाली तारानगर सीट अब हॉट सीट बन गई है। इस सीट पर वर्तमान विधायक नरेंद्र बुडानिया को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ चुनौती देंगे। चूरू, रतनगढ़, सुजानगढ़ व तारानगर में सबसे अधिक छह-छह निर्दलीय उम्मीदवार है।

सरदारशहर विधानसभा में मात्र तीन निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में हैं। सरदारशहर विधानसभा सीट में निर्दलीय उम्मीदवार राजकरण चैधरी दोनों बड़ी पार्टी के वोट बैंक को प्रभावित कर सकते हैं। सादुलपुर विधानसभा सीट से चार निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में डटे हुए है।

सादुलपुर में भाजपा, कांग्रेस और बसपा में त्रिकोणीय मुकाबला

सादुलपुर विधानसभा में हर बार भाजपा, कांग्रेस और बसपा में त्रिकोणीय मुकाबला रहता है। यहां भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों को बसपा के मनोज न्यांगली कड़ी टक्कर देते हैं। भाजपा ने इस बार कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए कांग्रेस के पुराने नेता नंदलाल पूनिया की पुत्रवधू सुमित्रा को टिकट देकर मैदान में उतारा है।

कांग्रेस विधायक कृष्णा पूनिया पर पार्टी ने एक बार फिर से विश्वास जताया है। यहां बसपा से पूर्व विधायक मनोज न्यांगली इन दोनों के सामने मैदान में हैं। यहां तीनों पार्टी के बीच कड़ा मुकाबला होगा।

चूरू में कांग्रेस और भाजपा के बीच मुकाबला

चूरू विधानसभा सीट पर कांग्रेस और भाजपा के बीच ही मुख्य मुकाबला है। पूर्व जिला प्रमुख, पूर्व प्रधान और वर्तमान जिलाध्यक्ष हरलाल सहारण पर भाजपा ने भरोसा जताया है। सहारण ने इससे पहले साल 2008 में भी चूरू विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था। कांग्रेस की ओर से रफीक मंडेलिया पर कांग्रेस पार्टी ने एक बार दांव लगाया है।

मंडेलिया भी पहले विधानसभा और लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इनके अलावा चूरू विधानसभा में आम आदमी पार्टी, अभिनव राजस्थान पार्टी, जननायक जनता पार्टी, आरएलपी, बसपा, नेशनल जनमंडल पार्टी के प्रत्याशी भी मैदान में डटे हुए हैं।

रतनगढ़ में कांग्रेस और भाजपा के बीच मुकाबला

रतनगढ़ विधानसभा सीट पर कांग्रेस और भाजपा के बीच मुकाबला होने की संभावना है। यहां भाजपा ने अभिनेष महर्षि को अपना उम्मीदवार बनाया है। महर्षि रतनगढ़ से एक बार विधायक रह चुके है। कांग्रेस की ओर से पूसाराम गोदारा को कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार बनाकर मैदान में उतारा है। पूसाराम गोदारा वर्तमान में प्रदेश कांग्रेस कमेटी महासचिव है। साल 2013 में कांग्रेस से विधायक का चुनाव लड़ा था, करीब 68 हजार वोट मिल थे। साल 2018 में निर्दलीय चुनाव लड़ा था। जिसमें करीब 62 हजार वोट मिले थे। भाजपा कांग्रेस के अलावा रतनगढ़ में आप, बसपा, माकपा, इंडियंस पीपुल्स पार्टी और निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में हैं।

सुजानगढ़ में भाजपा, कांग्रेस और आरएलपी में त्रिकोणीय मुकाबला

सुजानगढ़ विधानसभा में इस बार भाजपा, कांग्रेस और आरएलपी में त्रिकोणीय मुकाबला होगा। यहां कांग्रेस ने स्व. मास्टर भंवरलाल मेघवाल के बेटे विधायक मनोज मेघवाल को टिकट दिया है। भाजपा ने बीदासर प्रधान संतोष मेघवाल को टिकट देकर मैदान में उतारा है। संतोष मेघवाल ने साल 2018 में निर्दलीय चुनाव लड़ा था। जिसमें करीब 38 हजार से अधिक वोट लिए थे।

यहां कांग्रेस, भाजपा और आरएलपी प्रत्याशी बाबूलाल कुलदीप में त्रिकोणीय मुकाबला होगा। स्व. मास्टर भंवरलाल मेघवाल के नजदीकी रहे बाबूलाल कुलदीप इस बार कांग्रेस से बागी हुए हैं। बाबूलाल कुलदीप तीन बार पार्षद, पूर्व उप सभापति और कार्यवाहक सभापति भी रह चुके हैं। यहां कांग्रेस और भाजपा के समीकरण को आरएलपी के बाबूलाल कुलदीप बिगाड़ सकते हैं।

सरदारशहर में निर्दलीय बिगाड़ सकता है समीकरण

सरदारशहर विधानसभा सीट से इस बार भाजपा ने रतनगढ़ के पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री राजकुमार रिणवां को टिकट दिया है। कांग्रेस ने विधायक अनिल शर्मा को मैदान में उतारा है। यहां नगर परिषद सभापति राजकरण चौधरी ने निर्दलीय नामांकन दाखिल करवाया है। चौधरी ने पहले कांग्रेस से दावेदारी जताई थी, लेकिन उनको टिकट नहीं मिला।

इसलिए उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवारी जता दी। यहां पूर्व विधायक अशोक पींचा ने चैधरी को समर्थन दिया है। कांग्रेस, भाजपा, निर्दलीय के बीच आरएलपी के लालचंद मूंड ने भी नामांकन दाखिल कराया है। आरएलपी साल 2022 में सरदारशहर उपचुनाव में दूसरे नंबर पर रही थी।

तारानगर में राठौड़ और बुडानिया में टक्कर

तारानगर विधानसभा सीट इस बार हॉट सीट बनी हुई है। यहां विधानसभा नेता प्रतिपक्ष और चूरू विधायक राजेंद्र राठौड़ इस बार चूरू की जगह तारानगर से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। इनका मुकाबला इस बार तारानगर विधायक नरेंद्र बुडानिया से होगा। यहां कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के किसान नेता निर्मल कुमार प्रजापत ने भी अपना नामांकन दाखिल करवाया है। राजस्थान विधानसभा की हॉट सीट में तारानगर विधानसभा भी एक हॉट सीट है। यहां भाजपा के राजेन्द्र राठौड़ और कांग्रेस के नरेंद्र बुडानिया के बीच सीधी टक्कर होगी। राठौड़ ने 2018 में चूरू विधानसभा से रफीक मंडेलिया को हराया था। कांग्रेस के नरेंद्र बुडानिया ने भाजपा के राकेश जांगिड़ को हराया था।

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