India Election: क्यों कमलनाथ घबराए विवेक बंटी साहू से? फटाफट समझें हॉट सीट छिंदवाड़ा का सियासी समीकरण

Loksabha Elections 2024 Phase 1: लोकसभा चुनाव के पहले चरण में मध्य प्रदेश की छह में से तीन सीटों पर कांटे की टक्कर है। सबसे दिलचस्प मुकाबला छिंदवाड़ा में है। यहां कांग्रेस की प्रतिष्ठा दांव पर है।
छिंदवाड़ा सीट की सियासत।
छिंदवाड़ा सीट की सियासत। रफ्तार।

नई दिल्ली, रफ्तार। लोकसभा चुनाव के पहले चरण में मध्य प्रदेश की छह सीटों पर वोटिंग जारी है। छह में से सिर्फ एक सीट पर कांग्रेस का कब्जा है। पहले चरण की तीन सीटों पर कांग्रेस से बीजेपी को तगड़ी टक्कर मिल रही। आज छिंदवाड़ा, मंडला, बालाघाट, सीधी, शहडोल और जबलपुर में वोटिंग हो रही है। साल 2019 में कांग्रेस सिर्फ छिंदवाड़ा सीट पर जीत सकी थी। इस सीट पर इस बार बीजेपी ने पूरी ताकत झोंकी है।

साहू ने दी थी कमलनाथ को तगड़ी टक्कर

इस सीट से बीजेपी ने कांग्रेस उम्मीदवार एवं पूर्व सीएम कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ के खिलाफ विवेक कुमार बंटी साहू उम्मीदवार बनाया है। साहू ने विधानसभा चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को तगड़ी टक्कर दी थी। कमलनाथ महज 34 हजार वोटों से जीते थे। साल 2018 में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी थी। तब कमलनाथ सांसद थे। उन्होंने लोकसभा से इस्तीफा देकर छिंदवाड़ा से चुनाव लड़ा था। उस वक्त भी बंटी साहू ने उन्हें कड़ी टक्कर दी थी। कमलनाथ में सिर्फ 25 हजार वोटों से जीत सके थे।

छिंदवाड़ा सीट का इतिहास

छिंदवाड़ा सीट पर 45 साल से कमलनाथ परिवार का कब्जा है। यहां 16,28,701 वोटर हैं। मुख्य मुकाबला कांग्रेस सांसद नकुलनाथ और बीजेपी उम्मीदवार विवेक बंटी साहू में है। नाथ परिवार गढ़ बचाने में जी जान से लगा है। छिंदवाड़ा लोकसभा अंतर्गत सात विधानसभा सीटें हैं। साल 2023 के विधानसभा चुनाव में सभी विधानसभा सीटों पर कांग्रेस को जीत मिली थी। वैसे, एक विधायक ने पार्टी छोड़ दी थी। अब तक के समीकरण के अनुसार कांग्रेस का पलड़ा भारी है।

कमलनाथ ने खेला इमोशनल कार्ड

नकुलनाथ को जिताने के लिए कमलनाथ ने पूरी ताकत झोंक रखी है। कमलनाथ ने बेटे के लिए रात-दिन कैंप किए है। उन्होंने अपने सीएम कार्यकाल में किए विकास कार्य गिनाए और इमोशनल कार्ड भी खेला है। उन्होंने जनसभाओं में कहा कि मैंने अपनी जवानी छिंदवाड़ा के लिए समर्पित की है। मेरी आखिरी सांस इस क्षेत्र के लिए है। नकुलनाथ भी भावनात्मक अपील कर रहे हैं। उनकी पत्नी खेतों में फसल काटती नजर आईं हैं।

भाजपा ने कमलनाथ को किया काफी कमजोर

भाजपा ने छिंदवाड़ा सीट जीतने के लिए भी कोई कसर नहीं छोड़ी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने यहां की सभी सात विधानसभा क्षेत्रों को लेकर अलग-अलग रणनीति बना पर काम किया। कमलनाथ को कमजोर करने के लिए उनके करीबियों को भी भाजपा में शामिल किया। अमरवाड़ा विधायक कमलेश शाह, छिंदवाड़ा के महापौर विक्रम आहाके और 2019 विधानसभा के उपचुनाव में कमलनाथ के लिए अपनी सीट छोड़ने वाले पूर्व मंत्री दीपक सक्सेना को कमलनाथ से दूर कर भाजपा में शामिल कराए गए।

जातिगत समीकरण जानें

छिंदवाड़ा सीट पर आदिवासी मतदाताओं का प्रभाव है। यहां पर 38 फीसदी से ज्यादा आबादी आदिवासियों की है। यही कारण है कि कांग्रेस और भाजपा ने सभाओं औरर रैलियों में आदिवासियों को खूब साधने की कोशिश की। जिले के शहरी इलाकों में सामान्य वर्ग की आबादी प्रभावी है।

साल 2019 का चुनाव रिजल्ट

उम्मीदवार दल वोट वोट प्रतिशत

नकुलनाथ कांग्रेस 5.9 लाख 47

नाथशाह कवर्ती भाजपा 5.5 लाख 44

साल 2014 का चुनाव रिजल्ट

उम्मीदवार दल वोट वोट प्रतिशत

कमलनाथ कांग्रेस 5.6 लाख 50.5

चंद्रभान सिंह भाजपा 4.4 लाख 40

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