Loksabha Election: उप्र में प्रथम चरण की सीटों पर घट गई महिला उम्मीदवारों की गिनती, जानें राजनीतिक समीकरण

Loksabha Election: पिछले आम चुनाव में जो आठ सीटें प्रथम चरण में शामिल थी, इस बार उनमें से चार सीटों में फेरबदल हुआ है।
Loksabha Election: उप्र में प्रथम चरण की सीटों पर घट गई महिला उम्मीदवारों की गिनती, जानें राजनीतिक समीकरण
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लखनऊ, (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव के पहले चरण के लिए मैदान में उतरे 80 उम्मीदवारों में से सिर्फ सात या 8.75 प्रतिशत महिलाएं हैं। यह आंकड़ा 2019 के आम चुनाव के पहले चरण से कम है जब 91 दावेदारों में से 12 या 13.18 प्रतिशत महिलाएं थीं। हालांकि, उनमें से कोई भी महिला उम्मीदवार विजयी नहीं रही। पिछले आम चुनाव में जो आठ सीटें प्रथम चरण में शामिल थी, इस बार उनमें से चार सीटों में फेरबदल हुआ है। गौरतलब है कि उप्र में कुल सात चरणों में चुनाव होगा। हर चरण में सीटवार राजनीतिक दलों ने महिला प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं।

2019 के चुनाव में महिला प्रत्याशी

2019 के आम चुनाव में प्रथम चरण में सहारनपुर, कैराना, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर की आठ सीटें थी। मतदान की तारीख थी 11 अप्रैल। इस चुनाव में आठ सीटों पर कुल 96 उम्मीदवारों ने अपना भाग्य आजमाया था। इसमें 86 पुरुष और 10 महिला प्रत्याशी थी। सहारनपुर से 11, कैराना से 13, मुजफ्फरगनर से 10, बिजनौर से 13, मेरठ से 11, बागपत से 13, गाजियाबाद से 12 और गौतमबुद्ध से 13 प्रत्याशी मैदान में थे।

मुजफ्फरनगर, बिजनोर और गौतमबुद्ध नगर से एक भी महिला प्रत्याशी मैदान में नहीं थी। सहारनपुर से 2, कैराना से 3, मेरठ से 2, बागपत से 1 और गाजियाबाद से 2 महिला प्रत्याशी मैदान में थी। बड़े राजनीतिक दलों में कांग्रेस ने डाली शर्मा को गाजियाबाद से और समाजवादी पार्टी ने कैराना से तब्बसुम बेगम को उम्मीदवार बनाया था। इसके अलावा किसी बड़े दल ने महिला उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारा था।

2024 में प्रथम चरण की सीटों में बदलाव

2024 के चुनाव में प्रथम चरण की सीटों में बदलाव हुआ है। सहारनपुर,कैराना,मुजफ्फरनगर, बिजनौर, नगीना (सु0), मुरादाबाद, रामपुर और पीलीभीत आठ सीटें प्रथम चरण में शामिल हैं। इन आठा सीटों पर कुल 80 उम्मीदवार मैदान में हैं। 80 उम्मीदवारों में 73 पुरुष व सात महिला हैं। कैराना, मुरादाबाद और सहारनपुर में दो-दो महिला उम्मीदवार हैं और मुजफ्फरनगर में एक महिला उम्मीदवार है। चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार, बिजनौर, पीलीभीत, रामपुर और नगीना में कोई महिला दावेदार नहीं है।

कैराना में समाजवादी पार्टी ने इकरा चौधरी को मैदान में उतारा है, जबकि प्रीति कश्यप राष्ट्रीय मजदूर एकता पार्टी का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। रुचि वीरा समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार हैं और साधना सिंह मुरादाबाद से निर्दलीय उम्मीदवार हैं। सहारनपुर में तसमीम बानो और शबनम निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ रही हैं, जबकि मुजफ्फरनगर में अकेली महिला उम्मीदवार कविता राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी (सत्या) का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।

2019 में उप्र से चुनी गई 11 महिला सांसद

2019 के आम चुनाव में उप्र से 11 महिला सांसद संसद पहुंची थी। इनमें से भाजपा की सर्वाधिक आठ महिला सांसद चुनी गई थी। वहीं,अपना दल (एस) कांग्रेस और बसपा की एक-एक महिला प्रत्याशी ने जीत दर्ज की है। 2014 के लोकसभा चुनाव में यूपी से 13 महिला सांसद चुनी गई थीं। इनमें से भाजपा की सबसे ज्यादा 10 महिला सांसद चुनी गई थी। वहीं, अपना दल (एस) कांग्रेस और सपा की एक-एक महिला उम्मीदवार जीती थी।

प्रथम चरण में 67.14 लाख महिला वोटर

उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से आठ-सहारनपुर, कैराना, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, नगीना (सु0), मुरादाबाद, रामपुर और पीलीभीत में 19 अप्रैल को पहले चरण में मतदान होगा। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, प्रथम चरण के आठ लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में 1.43 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 76.23 लाख पुरुष, 67.14 लाख महिला तथा 824 ट्रांस जेंडर हैं। प्रथम चरण की वोटिंग 19 अप्रैल को है।

राजनीतिक विशलेषक विनय मिश्र के अनुसार, इस बार पिछले चुनाव की तुलना में प्रथम चरण की सीटों में थोड़ा बदलाव हुआ है। राजनीतिक दल ऐसे चेहरे को मैदान में उतारते हैं, जिसकी जीतने की संभावना प्रबल हो। पार्टियां जातीय समीकरण और विपक्ष की रणनीति के हिसाब से चेहरा तय करती हैं। इसमें महिला और पुरुष का फैक्टर अहम नहीं होता।

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