उद्धव ठाकरे की शिवसेना को बदलना पड़ेगा अपना चुनावी गाना; धार्मिक शब्दों पर चुनाव आयोग ने जताई आपत्ति

ECI: चुनाव आयोग ने पार्टी को साफ कर दिया कि बताये गए शब्दों को हटाए बिना प्री-सर्टिफिकेशन नहीं हो पायेगा।
Uddhav Thackeray
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नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। शिवसेना(UBT) के कैंपेन सॉन्ग में प्रयोग किये गए शब्द भवानी और हिन्दू शब्द चुनाव आयोग के दिशानिर्देश का उल्लंघन करते हैं। चुनाव आयोग ने इस पर अपनी आपत्ती जताई है और इन शब्दों को हटाने के लिए शिवसेना(UBT) को कहा है। अब पार्टी को इसमें सुधार करने के बाद ये सॉन्ग फिर से प्री-सर्टिफिकेशन के लिए चुनाव आयोग भेजना होगा। शिवसेना(UBT) ने अपने कैंपेन सॉन्ग में चुनाव आयोग की आपत्ति के बाद, उनसे समीक्षा करने की अपील की थी। लेकिन चुनाव आयोग ने पार्टी को साफ कर दिया कि बताये गए शब्दों को हटाए बिना प्री-सर्टिफिकेशन नहीं हो पायेगा।

शिवसेना(यूबीटी) के द्वारा बनाये गए कैंपेन सॉन्ग पर चुनाव आयोग ने आपत्ति जताई है

दरअसल यह मुद्दा उस समय उजागर हुआ, जब कुछ दिन पहले शिवसेना यूबीटी नेता आदित्य ठाकरे ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर ट्वीट कर इस मुद्दे को उठाया था। उन्होंने अपने ट्वीट में जानकारी दी थी कि शिवसेना(यूबीटी) के द्वारा बनाये गए कैंपेन सॉन्ग पर चुनाव आयोग ने आपत्ति जताई है। जो कि इसमें धार्मिक प्रयोग से जुडी हुई है। आइये चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों को समझे, जिसके आधार पर शिवसेना(यूबीटी) के कैंपेन सॉन्ग पर चुनाव आयोग ने आपत्ति जताई है।

राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को पत्र के माध्यम से दिशानिर्देश दिए थे

दरअसल 24 अगस्त, 2023 को चुनाव आयोग ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को पत्र के माध्यम से दिशानिर्देश दिए थे। जिसके अनुसार चुनाव के उद्देश्य से बनाये जाने वाले ऑडियो विजुअल और सॉन्ग को चुनाव आयोग के तहत मीडिया प्रमाणन और निगरानी समिति से प्री-सर्टिफिकेशन लेना होगा। मीडिया प्रमाणन और निगरानी समिति के नियमों का पालन किये बिना कोई भी राजनीतिक दल चुनाव में किसी भी ऑडियो विजुअल विज्ञापन का प्रयोग नहीं कर सकता है।

रक्षा कर्मियों के समारोह से जुड़ी फोटो का भी इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है

चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों को संक्षिप्त में समझाने की कोशिश करते हैं। इसके अनुसार चुनाव प्रचार में मंदिर/मस्जिद/चर्च/गुरुद्वारा आदि किसी भी तरह के पूजा स्थल से जुड़े शब्दों और नारे का प्रयोग नहीं किया जा सकता है। इसमें पोस्टर, संगीत, ग्राफिक्स और वीडियो भी शामिल है। इसी के साथ अन्य दलों के नेताओं या कार्यकर्ताओं के निजी जीवन से जुड़े पहलू की आलोचना नहीं की जाएगी। किसी भी झूठे आरोपों के आधार पर किसी पार्टी या कार्यकर्ताओं की आलोचना नहीं की जाएगी। रक्षा कर्मियों की फोटो का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। और रक्षा कर्मियों के समारोह से जुड़ी फोटो का भी इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।

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