महाराष्ट्र के पुणे कांग्रेस अध्यक्ष अरविंद शिंदे का आरोप, मतदान केंद्र पर किसी ने उनके नाम से डाल दिया वोट

Loksabha Election: उन्होंने यह सब घटना इंडियन एक्सप्रेस को बताई, जिसके बाद यह खबर सबके सामने आयी।
Arvind Shinde
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नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। देश में चुनावी माहौल है। 13 मई 2024 को लोकसभा चुनाव 2024 के चौथे चरण के लिए मतदान हुआ है। इसी बीच महाराष्ट्र के पुणे से कांग्रेस के प्रमुख अरविंद शिंदे ने आरोप लगाया है कि किसी ने उनका वोट डाल दिया है। उन्होंने इसकी शिकायत अपने वोटिंग बूथ में 13 मई 2024 को रास्ता पेठ के सेंट मीरा इंग्लिश मीडियम स्कूल में उस समय की, जब उन्होंने वोट देने के लिए अपनी आईडी दिखाई तो पता चला कि उनके नाम से कोई पहले ही वोट डाल गया। जिसका उन्होंने मतदान केंद्र पर विरोध किया। जिसके बाद उन्हें 'टेंडर वोट' के माध्यम से मतदान करने की अनुमति दी गयी। उन्होंने यह सब घटना इंडियन एक्सप्रेस को बताई, जिसके बाद यह खबर सबके सामने आयी।

टेंडर वोट होता क्या है

अब आपके मन में यह सवाल जरूर आ रहा होगा कि टेंडर वोट होता क्या है। टेंडर वोट वे वोट होते हैं। जब किसी मतदाता की जगह कोई और वोट डाल देता है, यह जांच का विषय है कि ऐसा जानबूझकर किया गया या गलती से ऐसा हुआ है। जब भी किसी मतदाता के साथ ऐसा होता है तो उसे मतदाता अधिकारी से इसकी शिकायत करनी होगी और इसके बाद उसे मतदाता अधिकारी को अपनी पहचान आदि सवालो का जवाब देना होगा। जिसके बाद वह आगे की कार्रवाई के लिए उस व्यक्ति को मतदान केंद्र पर पीठासीन अधिकारी के पास भेजेगा।

अगर दोनों के बीच जीत का अंतर ज्यादा होता है तो टेंडर वोटों को नहीं गिना जाता है

जिसके बाद मतदान केंद्र पर पीठासीन अधिकारी को संतुष्ट करने के बाद यानि की उनके सवालों का जवाब देने के बाद, वह मतदाता को टेंडर वोट डालने की अनुमति दे देगा। दरअसल टेंडर वोट मतपत्रों पर डाले जाते हैं। जिन्हे सील करके बंद कर दिया जाता है। इस तरह के मतों का प्रयोग तभी किया जाता है जब जीतने वाले प्रत्याशी और उपविजेता के बीच में काफी कम अंतर होता है। अगर दोनों के बीच जीत का अंतर ज्यादा होता है तो टेंडर वोटों को नहीं गिना जाता है।

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