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Lok Sabha Poll: खजुराहो-इंदौर-सूरत लोकसभा सीट से कांग्रेस का कैसे कटा पत्ता? जानें पूरी कहानी

New Delhi: कांग्रेस पार्टी को खजुराहो, इंदौर और सूरत लोकसभा सीट पर भारी नुकसान हुआ है। तीनों ही सीटें बीजेपी के खाते में चली गई है।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। कांग्रेस पार्टी और इंडिया गठबंधन को एक के बाद एक झटके लग रहे हैं। मध्य प्रदेश में कांग्रेस दो सीटें खो चुकी है। जिसमे खजुराहो और इंदौर सीट शामिल है। इसके अलावा, गुजरात में भी कांग्रेस का यही हाल है। सूरत लोकसभा सीट पर भी बिना मतदान के ही ये सीट बीजेपी के खाते में चली गई।

खजुराहो में कैसै पलटी सियासी हवा?

मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी खजुराहो में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी में बने इंडिया गठबंधन में ये सीट सपा के खाते में गई। सपा ने दिग्गज नेता दीपनारायण यादव की पत्नी मीरा यादव को खजुराहो लोकसभा सीट का टिकट दिया। 26 अप्रैल को इस सीट पर दूसरे चरण में चुनाव हुआ। लेकनि उससे पहले ही रिटर्निंग अधिकारी सुरेश कुमार ने उनके नोमिनेशन को रिजेक्ट कर दिया। द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, जमा किए गए दस्तावेज के एक पेज पर उम्मीदवार के हस्ताक्षर गायब थे और उन्होंने पुरानी मतदान सूचि जमा की थी। इस पर सपा उम्मीदवार मीरा यादव ने कहा- 'ये बीजेपी की साजिश है।' इस तरह बीजेपी का रास्ता खजुराहो लोकसभा सीट से साफ हो गया। खजुराहो से बीजेपी ने मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा को टिकट दिया है।

इंदौर में कांग्रेस को लगा बड़ा झटका

इंदौर लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय बम ने अपना नामंकन वापस ले लिया है। वे आज बीजेपी विधायक रमेश मेंदोला के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और अपना नाम वापस ले लिया। अब वे चुनावी मैदान से बाहर हैं। वे आज बीजेपी में शामिल हो गए हैं। बीजेपी ने इंदौर लोकसभा सीट से शंकर लालवानी को मैदान में उतारा है। कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय बम के नामांकन वापस लेने के बाद उनके सामने कोई बड़ी चुनौती नहीं है। आपको बता दें कि अक्षय बम ने मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 में 4 नंबर सीट से विधानसभा टिकट मांगा था। लेकिन, पार्टी ने उन्हें टिकट देने से इनकार कर दिया था। पार्टी ने उन्हें इंदौर लोकसभा सीट से कांग्रेस का प्रत्याशी बनाया।

सूरत में ऐसे बीजेपी ने मारी बाजी

यही हाल कांग्रेस के गुजरात की सूरत लोकसभा सीट पर भी हुआ। दरअसल हुआ ये कि वोटिंग से पहले ही गुजरात के सूरत सीट पर भाजपा उम्मीदवार मुकेश दलाल निर्विरोध चुनाव जीत गए हैं। दरअसल, नामांकन पत्र वापसी के अंतिम दिन इस सीट से सभी 8 उम्मीदवारों ने अपनी उम्मीदवारी पीछे खींच ली जिसके बाद बीजेपी उम्मीदवार मुकेश दलाल निर्विरोध चुनाव जीत गए।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, सूरत लोकसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार नीलेश कुंभाणी का नामांकन पत्र रविवार को खारिज कर दिया गया था। जिला निर्वाचन अधिकारी ने प्रथम दृष्टया प्रस्तावकों के हस्ताक्षर में विसंगतियां पाई थी। सूरत से कांग्रेस के वैकल्पिक उम्मीदवार सुरेश पडसाला का नामांकन पत्र भी अमान्य करार दिया गया, जिससे विपक्षी पार्टी इस निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव मैदान से बाहर हो गई। निर्वाचन अधिकारी सौरभ पारधी ने अपने आदेश में कहा कि कुंभाणी और पडसाला द्वारा सौंपे गए चार नामांकन फॉर्म को प्रस्तावकों के हस्ताक्षरों में प्रथम दृष्टया विसंगतियां पाए जाने के बाद खारिज कर दिया गया। उन्होंने कहा कि ये हस्ताक्षर असली नहीं लग रहे हैं।

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