Question on EVM: केरल में मॉक वोटिंग में भाजपा को पड़े 4 अतिरिक्त वोट, कोर्ट का आदेश EVM और VVPAT का हो मिलान

लोकसभा चुनाव से पहले वोटिंग मशीन से छेड़छाड़ को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है। मामला केरल से जुड़ा है। यहां मॉक वोटिंग के दौरान बीजेपी को वोट मिलने की बात कही गई है।
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नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। चुनावों की हवा चलते ही ईवीएम में गड़बड़ी होने की खबरें आने लगती है। चाहे लोकसभा चुनाव हो या विधानसभा चुनाव वोटिंग मशीन से छेड़छाड़ का मामला हमेशा ही उठता रहा है। विपक्ष लगातार वोटिंग मशीन से छेड़छाड़ का आरोप लगाता रहता है। वहीं, सरकार के साथ ही चुनाव आयोग की तरफ से वोटिंग मशीन से छेड़छाड़ की आशंका से साफ इनकार किया जाता रहा है।

केरल में ईवीएम पर उड़े सवाल

ऐसा ही एक मामला आया है जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा है कि उस आरोप की जांच की जाए जिसमें बताया गया है कि केरल में ईवीएम के मॉक ड्रिल के दौरान बीजेपी को अतिरिक्त वोट मिले थे। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजीव खन्ना की अगुवाई वाली बेंच के सामने ईवीएम और VVPAT की पर्ची के मिलान से संबंधित मामले की सुनवाई के दौरान यह मामला उठाया गया।

क्या कहा बेंच ने

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजीव खन्ना की अगुवाई वाली बेंच ने मामले में सुनवाई के दौरान मौखिक आदेश में चुनाव आयोग से कहा कि वह इस मामले में जो रिपोर्ट आई है उसे चेक करे।

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ADR की तरफ से प्रशांत भूषण ने की पैरवी

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता एडीआर की ओर से पेश प्रशांत भूषण ने कहा कि एक मीडिया हाउस ने ऑनलाइन रिपोर्ट दी है कि ईवीएम के मॉक ड्रिल के दौरान शिकायतें दर्ज कराई गई है। आरोप लगाया गया कि केरल के कसरगौड इलाके में ईवीएम के मॉड ड्रिल के दौरान चार ईवीएम में अतिरिक्त बीजेपी के वोट पड़े हैं। इस बाबत यूडीएफ (यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट) और एलडीएफ (लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट) ने जिला कलेक्टर से शिकायत की है कि चार ईवीएम में मॉक ड्रिल के दौरान अतिरिक्त वोट बीजेपी को पड़े हैं।

VVPAT से 100 फीसदी मिलान की मांग

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजीव खन्ना ने चुनाव आयोग के वकील मनिंदर सिंह से कहा है कि वह इस मामले में जो आरोप लगाया गया है उसे चेक करें। सुप्रीम कोर्ट में ईवीएम और VVPAT के पर्ची के 100 फीसदी मिलान को लेकर लगाई गई गुहार पर सुनवाई चल रही है और इसी दौरान याची एडीआर की ओर से पेश प्रशांत भूषण ने यह मामला उठाया जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने उक्त मौखिक आदेश दिया है।

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