लोकसभा चुनाव में गुजरात BJP को मिली पहली जीत, सूरत में पार्टी उम्मीदवार मुकेश दलाल निर्विरोध हुए निर्वाचित

Lok Sabha Election: लोकसभा चुनाव के बीच भाजपा ने गुजरात में अपनी पहली जीत दर्ज कर ली है। भाजपा को यह जीत लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे आने से पहले मिल गई है।
Mukesh Dalal got elected unopposed in Surat
Mukesh Dalal got elected unopposed in SuratRaftaar.in

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। लोकसभा चुनाव के बीच भाजपा ने गुजरात में अपनी पहली जीत दर्ज कर ली है। भाजपा को यह जीत लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे आने से पहले मिल गई है। वोटिंग से पहले ही गुजरात के सूरत सीट पर भाजपा उम्मीदवार मुकेश दलाल निर्विरोध चुनाव जीत गए हैं। दरअसल, नामांकन पत्र वापसी के अंतिम दिन इस सीट से सभी आठ उम्मीदवारों ने अपनी उम्मीदवारी पीछे खींच ली जिसके बाद भाजपा उम्मीदवार मुकेश दलाल निर्विरोध चुनाव जीत गए।

सभी उम्मीदवारों ने लिया अपना नामांकन वापस

गौरतलब है कि सूरत लोकसभा सीट से बीजेपी के मुकेश दलाल को छोड़कर बाकी सभी उम्मीदवारों ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। यह घटनाक्रम उस समय समने आया जब कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार नीलेश कुंभानी का नामांकन पत्र खारिज हो हो गया। क्योंकि उनके तीन प्रस्तावकों ने जिला चुनाव अधिकारी को एक हलफनामे में दावा किया था कि उन्होंने उनके नामांकन फॉर्म पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। हालांकि, चुनाव आयोग की तरफ अभी बीजेपी के मुकेश दलाल के जीत को लेकर कोई ऐलान नहीं किया गया है।

कांग्रेस कैंडिडेट नीलेश कुंभाणी का पर्चा हुआ रद्द

सूरत में एक दिन पहले कांग्रेस कैंडिडेट नीलेश कुंभाणी का पर्चा रद्द होने के बाद यह समीकरण बदल गए। यहां से बीएसपी के कैंडिडेट प्यारे लाल भारती से सबसे आखिरी में अपना पर्चा वापस लिया। मुकेश दलाल को बीजेपी के प्रदेश प्रमुख सीआर पाटिल को करीबी और विश्वस्त माना जाता है। सूरत के इतिहास में निर्विरोध निर्वाचित होने वाले दलाल पहले सांसद बने हैं।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, सूरत लोकसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार नीलेश कुंभाणी का नामांकन पत्र रविवार को खारिज कर दिया गया था। जिला निर्वाचन अधिकारी ने प्रथम दृष्टया प्रस्तावकों के हस्ताक्षर में विसंगतियां पाई थी। सूरत से कांग्रेस के वैकल्पिक उम्मीदवार सुरेश पडसाला का नामांकन पत्र भी अमान्य करार दिया गया, जिससे विपक्षी पार्टी इस निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव मैदान से बाहर हो गई। निर्वाचन अधिकारी सौरभ पारधी ने अपने आदेश में कहा कि कुंभाणी और पडसाला द्वारा सौंपे गए चार नामांकन फॉर्म को प्रस्तावकों के हस्ताक्षरों में प्रथम दृष्टया विसंगतियां पाए जाने के बाद खारिज कर दिया गया। उन्होंने कहा कि ये हस्ताक्षर असली नहीं लग रहे हैं।

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