Loksabha Election: कभी इस लोकसभा सीट ने दिए 5 प्रधानमंत्री, आज राजनीतिक के हाशिए पर खड़ी

Loksabha Election: राज्य में भाजपा की योगी सरकार बनी और उन्होंने इलाहाबाद जिले का नाम बदलकर प्रयागराज रखा।
Jawaharlal Nehru, Lal Bahadur Shastri and Indira Gandhi
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नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश को देश की सरकार चुनने में अहम बताया जाता है। इसमें एक लोकसभा सीट है इलाहाबाद, जिसे एक समय में देश की राजनीति का केंद्र कहा जाता था। इस लोकसभा सीट ने देश को पांच प्रधानमंत्री दिए, जिसमे पं. जवाहरलाल नेहरू, लाल बहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी, वीपी सिंह व चंद्रशेखर का नाम शामिल हैं।

वर्ष 2004 के बाद से यहां से चुनाव जीतने वाला सांसद केंद्र में मंत्री नहीं बना

राज्य में भाजपा की योगी सरकार बनी और उन्होंने इलाहाबाद जिले का नाम बदलकर प्रयागराज रखा। अब जिला प्रयागराज के नाम से जाना जाता है। राजनीति का केंद्र रहे इलाहाबाद यानि प्रयागराज से वर्ष 2004 के बाद से यहां से लोकसभा चुनाव जीतने वाला सांसद केंद्र में मंत्री नहीं बना। एक समय इस लोकसभा सीट का अपना अलग ही दबदबा हुआ करता था। देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस ने तो वर्ष 1984 के लोकसभा चुनावों के बाद से इस लोकसभा सीट में जीत दर्ज नहीं की है। कांग्रेस ने इलाहाबाद में वर्ष 1984 के लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी।

इलाहाबाद सीट का केंद्र की राजनीती में दबदबा पूरी तरह से खत्म हो गया

देश के तीन प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी व वीपी सिंह का यह जन्म स्थान भी रहा है। लालबहादुर शास्त्री भी इलाहाबाद लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर सांसद बने थे। पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह की पसंदीदा लोकसभा सीट थी इलाहाबाद, इसके अलावा वह फूलपुर लोकसभा सीट से भी चुनाव लड़ते थे। पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर ने भी राजनीति इलाहाबाद से ही अपनी इलाहाबाद विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान सीखी थी। इस लोकसभा सीट ने देश को पांच प्रधानमंत्री दिए, लेकिन अब वर्ष 2004 के बाद से तो यहां से जीतने वाले सांसद को केंद्र में मंत्री का पद भी नसीब नहीं हो रहा है। धीरे धीरे इलाहाबाद लोकसभा सीट का केंद्र की राजनीती में दबदबा पूरी तरह से खत्म हो गया है। जानकारी के लिए बताना चाहेंगे कि अंग्रेजो के शासन के समय में इलाहाबाद आजादी की लड़ाई का केंद्र भी रहा है।

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