नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । सर्दियों का मौसम सेहत के लिए लाभकारी माना जाता है, क्योंकि ठंड के मौसम में शरीर को गर्म रखने के लिए भोजन में संचित उष्मा मदद करती है। तापमान में गिरावट के बावजूद यह शरीर को ऊर्जावान और स्वस्थ बनाए रखती है।
इसका मतलब है कि ठंड के मौसम में भोजन आसानी से पचता है। साथ ही, कुछ साधारण आदतों का पालन करने से हम इस मौसम में न केवल स्वस्थ रह सकते हैं, बल्कि हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है।
संतुलित भोजन करें
कार्बोहाइड्रेट शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं, लेकिन सेहत के लिए यही पर्याप्त नहीं हैं। शरीर को वसा, प्रोटीन, फाइबर और पर्याप्त तरल पदार्थों की भी जरूरत होती है। सर्दियों में तला-भुना, डिब्बाबंद और जंक फूड खाने की प्रवृत्ति बढ़ती है, जिससे कार्बोहाइड्रेट का सेवन अधिक हो जाता है।
दूसरा, सर्दियों में शारीरिक सक्रियता कम होने से अतिरिक्त कैलोरी खर्च नहीं होती और शरीर में वसा तेजी से जमा होने लगती है। इस मौसम में मौसमी फल और सब्जियों का सेवन बढ़ाएं। भोजन में हरी सब्जियां, सलाद और सूप शामिल करें, ताकि शरीर को पर्याप्त पोषक तत्व, फाइबर और पानी मिलता रहे।
धूप सेंकना न भूलें
क्या पर्याप्त नींद के बावजूद आपको थकान महसूस होती है? या हड्डियों और मांसपेशियों में दर्द रहता है? अगर हां, तो संभव है कि आपको विटामिन डी की कमी हो। विशेषज्ञों के अनुसार, 100 में से लगभग 70 लोग विटामिन डी की कमी से पीड़ित हैं।
सर्दियों का मौसम विटामिन डी की कमी पूरी करने का अच्छा अवसर होता है। दोपहर के समय थोड़ी देर धूप में बैठना सबसे फायदेमंद माना जाता है। वहीं, दोपहर में सोना विटामिन डी प्राप्ति को रोकने के साथ रात की नींद के पैटर्न को भी प्रभावित कर सकता है।
सर्दियों में रोज़ाना व्यायाम करें
सर्दियों में रोज़ाना व्यायाम की आदत नहीं छोड़ें। नियमित व्यायाम शरीर में खुशी देने वाले हार्मोन का स्राव बढ़ाता है और अवसाद कम करता है। ठंड में शारीरिक सक्रियता कम होने से वजन बढ़ने का खतरा रहता है, इसलिए व्यायाम शरीर की लचक और स्वास्थ्य बनाए रखने में मदद करता है।
घर के भीतर न सुखाएं कपड़े
विशेषज्ञों के अनुसार, घर के भीतर गीले कपड़े सुखाने से हवा में अल्डिहाइड और बेंजीन जैसे हानिकारक कण फैलते हैं, जो त्वचा और स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हैं। अस्थमा से परेशान लोगों की समस्या बढ़ सकती है। अन्य लोगों में भी सिरदर्द, गले में खराश और आंखों में जलन हो सकती है। यदि गीले कपड़े अंदर सुखाने हों, तो खिड़कियां खुली रखें।
अधिक क्रीम न लगाएं
सर्दियों की ठंडी हवा त्वचा को शुष्क कर देती है और नमी की ज्यादा जरूरत होती है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि अधिक क्रीम या लोशन लगाएं। अधिक क्रीम लगाने से धूल-मिट्टी त्वचा पर देर तक रह सकती है, जिससे मृत त्वचा जमा होकर मुंहासे और एलर्जी की संभावना बढ़ जाती है।





