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Thursday, March 5, 2026
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एमिनो एसिड यूरिन टेस्ट क्या है और ये कैसे होता है – Amino acids Urine Test in Hindi

एमिनो एसिड यूरिन टेस्ट क्या है

एमिनो एसिड मूत्र परीक्षण आपके मूत्र में मौजूद एमिनो एसिड के स्तर को निर्धारित करता है। एमिनो एसिड प्रोटीन का निर्माण करने का एक मुख्य तत्व माना जाता है जो कि आपकी बॉडी में अहम कार्य करता है। हमारी बॉडी की ग्रोथ और विकास के लिए 20 अलग-अलग एमिनो एसिड की जरूरत पड़ती है। एमिनो एसिड आवश्यक और अनावश्यक में वर्गीकृत किया गया है। आवश्यक एमिनो एसिड डायट्री स्रोत से बनता है, दूसरी ओर अनावश्यक एमिनो एसिड शरीर में बनता है।

एमिनो एसिड एनर्जी उत्पादन, सिंथेसिस ऑफ़ हॉर्मोन, न्यूरोट्रांसमीटर (एक प्रकार का केमिकल मेसेंजर जो एक तंत्रिका से दूसरी तंत्रिका में सिगनल पहुँचाने का काम करता है) और शरीर में मेलानिन के लिए भी जरूरी होता है।

एमिनो एसिड का अधिक उत्पादन लीवर द्वारा यूरिया में बदल जाता है और किडनी की मदद से पेशाब के जरिये निकल जाता है। इन अंगों में कोई समस्या होना या मेटाबॉलिक समबन्धी परेशानी यूरीन में एमिनो एसिड का स्तर बढ़ा सकती है। एमिनो एसिड मूत्र परीक्षण मुख्यतः या तो एमिनो एसिड के चयापचय या स्राव से संबंधित असामान्यताओं की जांच के लिए किया जाता है जो आमतौर पर उच्च मूत्र एमिनो एसिड के रूप में दिखाई देता है।

एमिनो एसिड मूत्र परीक्षण क्यों किया जाता है – Amino acid test kyon kiya jata hai

डॉक्टर एमिनो एसिड मूत्र परीक्षण का आदेश तब देते हैं यदि उन्हें चयापचय की जन्मजात कमी दिखे – आमतौर पर बचपन और प्रारंभिक बचपन के दौरान।

चयापचय कमियों के संकेत और लक्षण :

· विकास में असमर्थता

· पाचन की समस्या

· विकास धीरे-धीरे होना

· न्यूरोलॉजिकल लक्षण जैसे दौरे

· लीवर विकार

· मूत्र में एक मीठी गंध (जैसे मेपल सिरप)

यदि बचपन के दौरान इलाज अनुपचारित छोड़ दिया जाता है, तो यह मानसिक मंदता, खराब विकास, विकास में देरी और मृत्यु का कारण बन सकता है। इस परीक्षण का उपयोग लीवर रोग, गुर्दे की विफलता, जलन, पोषण संबंधी गड़बड़ी, तंत्रिका संबंधी विकार और मांसपेशियों की बीमारियों जैसे स्थितियों का मूल्यांकन करने के लिए भी किया जाता है।

एमिनो एसिड कैसे किया जाता है – Amino acid kaise kiya jata hai

यह टेस्ट 24 घंटे के यूरीन सैंपल पर किया जाता है। डॉक्टर टेस्ट करने से पहले आपको इस प्रक्रिया के बारे में अच्छे से बताएगा। आपको एक ख़ास प्रकार का कंटेनर दिया जाएगा जिसमें आपको अपना सैम्पल देना होगा।

नीचे दिए गए तरीकों से आप यूरीन सैंपल दे सकते हैं :

  • · सैंपल लेने से पहले अपने हाथों को अच्छे से धोएं।

  • · अब पेशाब के जरिये अपना पहला सम्पल दे दें। साथ ही संपले देना का समय भी नोट करें।

  • · अब दिन में जितनी बार भी पेशाब जाएँ उतनी बार यूरीन सम्पल दें।

  • · 24 घंटे के संपलिंग के दौरान इस बात का ध्यान रखें कि आपको सम्पल कंटेनर रेफ्रिजरेट करके रखना है।

  • · सम्पल पर अपने नाम और समय का लेबल लगाएं और डॉक्टर को

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