इरेक्टाइल डिस्फंक्शन क्या है – What is Erectile dysfunctions in Hindi
संभोग के समय लिंग में इरेक्शन अथवा तनाव खत्म हो जाने को इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (Erectile Dysfunctions) अर्थात स्तंभनदोष कहा जाता है। इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के कई प्रकार हो सकते हैं जैसे- कई लोगों में सेक्स के बारे में कल्पना करने भर से ही इरेक्शन हो जाता है, जबकि कुछ लोगों को यह रतिक्रिया के दौरान भी बिलकुल भी नहीं होता।
स्तंभनदोष समस्या के कई कारण हो सकते हैं, इस समस्या से पीड़ित लोगों में चिड़चिड़ापन और आत्मविश्वास में कमी आदि लक्षण देखे जा सकते हैं। हालांकि पुरुषों में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन आम है और लाइलाज नहीं है, इसका इलाज कर इसे पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है।
इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के कारण – Erectile dysfunctions Causes in Hindi
कुछ लोगों का मानना है कि इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का ताल्लुक उम्र बढ़ने होता है, जबकि वास्तव में ऐसा नहीं हैं। ईडी हाइपरटेंशन, डायबिटीज व अवसाद आदि के कारण भी होता है। इरेक्टाइल डिस्फंक्शन शारीरिक और मानसिक कारणों से भी हो सकता है।
यदि इरेक्शन संभोग के अलावा किसी विशेष समय जैसे सुबह सोकर उठने पर, पेशाब करते समय, हस्तमैथुन के दौरान या सेक्स के बारे में सोचने पर होता है तो ये मानसिक कारणों की वजह से हो सकता है।
ध्यान रहे कि तनाव के कारण शरीर में कई हार्मोन्स का स्तर बढ़ या बिगड़ जाता है, जिनमें एड्रीनलीन और कॉर्टिसोल प्रमुख हार्मोन होते हैं। इनकी वजह से शरीर में कई अनचाहे बदलाव होते हैं और नर्वस सिस्टम की कार्यप्रणाली बिगड़ जाती है, जिससे इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ने लगता है।
हालांकि मात्र 10 प्रतिशत मामलों में ही ईडी का संबंध मानसिक स्थिति से होता है, जबकि अधिकतर मामलों में यह हार्मोनल कारणों या फिर डायबिटीज व ब्लड प्रेशर आदि रोगों के कारण होता है। 0
इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के शारीरिक कारण – Physical Causes of Erectile Dysfunctions in Hindi
डॉक्टरों के अनुसार इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के लगभग 90 प्रतिशत मामलों में कारण शारीरिक होते हैं, बाकी 10 प्रतिशत मामलों में ही इसके कारण मानसिक होते हैं। इसके कई अन्य कारण निम्न हैं:
* शराब, स्मोकिंग, शुगर और तनाव इसके बड़े कराण होते हैं।
* हॉर्मोंन में विसंगति इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की एक बड़ी वजह होती है।
* लिंग के सख्त होने पर उसमें रक्त का बहाव होता है। जब कभी लिंग में रक्त के बहाव में कमी आती है तो वह ठीक से सख्त नहीं हो पाता और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं।
* न्यूरॉलजी से जुड़ी समस्याएं (नर्वस सिस्टम में आई किसी कमी) भी इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का कारण हो सकती हैं।
इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का इलाज – Erectile dysfunctions Treatment in Hindi
यूं तो इस समस्या के उपचार की शुरुआत खान-पान में सुधार व व्यायाम, ध्यान व योग आदि करने से की जाती है, लेकिन यदि इससे कोई लाभ नजर न आए तो इसके चिकित्सकीय उपचार किये जाते हैं। ट्रीटमेंट डॉक्टर ईडी का उपचार करने से पहले इस समस्या के कारण का पता लगाता है। इसके लिए कई तरह के टेस्ट भी किए जाते हैं। और फिर निम्न उपचार माध्यमों की मदद ली जा सकती है –
1. हॉर्मोन थेरपी (Hormones Therapy)
अगर इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का कारण हॉर्मोन की कमी या गड़बड़ी है तो हॉर्मोन थेरपी की मदद से इसे दो से 2 से 3 महीनों के भीतर इसे ठीक कर दिया जाता है। इस ट्रीटमेंट का कोई खास साइड इफेक्ट भी नहीं होता है।
2. ब्लड सप्लाई (Blood Supply)
लिंग में धमनियों में किसी प्रकार की रुकावट की वजह से रक्त के प्रवाह में कमी आ जाती है, तो ऐेसे में दवाओं की मदद से इस ब्लॉकेज को खत्म किया जाता है। इससे लिंग में रक्त का प्रवाह बढ़ जाता है और उसमें ठीक से तनाव आने लगता है।
3. वैक्यूम पंप, इंजेक्शन थेरपी और वायग्रा (Vaccum Pump, Injection Therapy and Viagra)
वैक्यूम पंप, इंजेक्शन थेरपी और वायग्रा जैसे इलाज के माध्यमों की मदद से भी इरेक्टाइल डिस्फंक्शन से निजात पायी जा सकती है। हालांकि कुछ डॉक्टरों का मानना है कि वैक्यूम पंप और इंजेक्शन थेरपी अब पुराने जमाने की चीजें हो चुकी हैं।
4. सेक्स थेरपी (Sex Therapy)
जैसा का हम बात कर चुके हैंकि ईडी के कुछ मामलों में समस्या शारीरिक न होकर मानसिक होती है। ऐसे मामलों में सेक्स थेरपी की मदद से रोगी को सेक्स संबंधी विस्तृत जानकारी दी जाती है, जिससे वह अपने दैनिक व दांपत्य जीवन में सुधार करके इस समस्या से बच सकता है।
5. ब्लड प्रेशर या हृदय समस्याओं से बचाव (Blood Pressure and Heart Problems)
लिंग के सख्त होने का मुख्य कारण उसमें रक्त का ठीक प्रकार से बहाव होता है। लेकिन जब कभी भी लिंग में खून के बहाव में कमी आती है, तो वह पूरी तरह सख्त नहीं हो पाता है और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या शुरू हो जाती है। ब्लड प्रेशर या हृदय संबंधी समस्याओं होने पर यह ज्यादा होता है इसलिए इन समस्याओं से बचना चाहिए।
6. तनाव से बचें (Avoid Stress)
तनाव के कारण भी इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या होती है। इसलिए इरेक्टाइल डिस्फंक्शन से बचने के लिए तनाव मुक्त रहें। योग, ध्यान व एक्सरसाइज करें और खान-पान में सुधार लाएं।




