नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । । मॉनसून ने देश के कई हिस्सों में दस्तक दे चुका है। बरसात के चलते इस भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिली है। दी है। वहीं, बारिश कई खतरनाक बीमारियों का कारण भी बनती है। बारिश में उमस और नमी बढ़ने से खाना जल्दी खराब हो जाता है, इसलिए बाहर का खाना न खाने की सलाह दी जाती है। साथ ही जगह-जगह पानी का जमाव से मच्छर पनपते है। मच्छर के काटने से डेंगू, मलेरिया आदि जैसी बीमारियां गंभीर रूप भी ले सकती हैं।
मलेरिया
मलेरिया संक्रमण बीमारी है जो मच्छर के काटने से होता है। घर के आप पास पानी के जमाव में मलेरिया के मच्छर पनपते हैं, जो इस बीमारी का कारण बनते है। मलेरिया के लक्षणों में तेज बुखार, ठंड लगना, कंपकंपी, जरूरत से ज्यादा पसीना आना और गंभीर एनीमिया जैसे लक्षण शामिल हैं। इस बीमारी का अगर इलाज समय पर न किया जाए, यह एक जानलेवा स्थिति हो सकती है।
डेंगू
बरसात के इन दिनों में डेंगू बुखार खासतौर पर आम बात है, जो तेजी से फैलता है। एक रिपोर्ट के अनुसार, हर साल भारत में, हजारों लोग इस बीमारी के चलते अपनी जान गंवा बैठते हैं। साल 2021 में, डेंगू के एक लाख से ज्यादा मामले सामने आए थे। यह बीमारी मादा एडीज़ मच्छर के काटने से फैलती है, जो आमतौर पर दिन के समय या सूरज ढलने से पहले काटता है। तेज बुखार के साथ बदन दर्द डेंगू के आम लक्षण हैं। डेंगू के गंभीर मामलों में मरीज सांस न आना, प्लेटलेट्स काउंट का कम हो जाना जैसे लक्षण जानलेवा भी साबित हो सकते हैं।
चिकनगुनिया
मच्छरों के काटने से होने वाली बीमारी चिकनगुनिया का नाम भी शामिल है। चिकनगुनिया टाइगर एडीज एल्बोपिक्टस मच्छर के कारण फैलता है। इसके लक्षण संक्रमित मच्छर के काटने के 3 से 7 दिनों के बाद नजर आते हैं। जिसमें बुखार, शरीर और जोड़ों में दर्द शामिल है।
डायरिया
बारिश का मौसम इन्फेक्शन का कारण भी आसानी से बनता है। इस मौसम में नमी और उमस के कारण खाना आसानी से खराब हो जाता है, जिसकी वजह से किसी का भी पेट खराब हो सकता है। साथ ही इन्फेक्शन्स बढ़ जाने की वजह से भी दस्त का खतरा बढ़ जाता है।
टाइफाइड
इन दिनों टाइफाइड के मामले भी ज्यादातर सामने आते है, जो आमतौर पर दूषित खाने और पानी से होता है। इसके लक्षणों में लगातार तेज बुखार आना, कमजोरी महसूस होना, पेट में दर्द और भूख न लगने के लक्षण परेशान करते हैं, जिससे वजन भी घटने लगता है।
इन्फ्लूएंजा
उमस बढ़ने और तापमान में बदलाव आने से इन्फ्लूएंजा के मामले देखें जा सकते है। यह संक्रमण तेजी से फैलने वाला होता है, जिसमें बुखार, मांसपेशियों में दर्द, गले में खराश, नाक बंद होना, सूखी और लगातार खांसी होने जैसे लक्षण दिखते हैं। इसकी वजह से निमोनिया, अस्थमा, डायबिटीज और दिल की बीमारी जैसे लक्षण भी दिखते हैं।
बरसात के मौसम में इन गंभीर बीमारियों से कैसे बचें?
हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि, बरसात और बीमारियों का रिश्ता पुराना है। फिर भी इन बीमारियों की वजह और इलाज के बारे में जानकारी रखना जरूरी है ताकि, आप बीमार पड़ने से बच सकें। बरसात में खुद को बीमारियों से बचाने के लिए इन बातों का ख्याल रखें:
स्वच्छता का विशेष ख्यान रखें।
दिन में बार-बार या कई बार हाथों को धोएं।
बाहर का खाना खाने से बचें, खासतौर पर सड़क के ठेलों से।
पानी को फिल्टर या उबाल कर ही पिएं।
अपनी इम्यूनिटी को बढ़ाएं रखें।
छींकते या खांसते समय हमेशा मुंह और नाक को ढकें।
रिपेलेंट्स का उपयोग करें।
घर के आप पास पानी का जमाव न होने दें।





