नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । भारत में मोटर व्हीकल एक्ट के तहत दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना अनिवार्य है। धारा 129 के अनुसार, चालक, पीछे बैठा व्यक्ति और 4 साल से ऊपर का बच्चा सभी को हेलमेट पहनना चाहिए। अगर कोई इस नियम का पालन नहीं करता तो जुर्माना और लाइसेंस निलंबन जैसी कार्रवाई हो सकती है। लेकिन क्या सिख धर्म के अनुयायी इससे मुक्त हैं? इस बारे में आज हम आपको बताएंगे कि सिख धर्म के लोगों को हेलमेट पहनने में कोई छूट है या नहीं, और इस पर कानून, सजा और कोर्ट के फैसले का क्या कहना है।
पगड़ी पहनने वालों को हेलमेट से छूट
सिख धर्म में पगड़ी केवल एक पहनावा नहीं, बल्कि धार्मिक पहचान, सम्मान और आस्था का प्रतीक मानी जाती है। यह न केवल सिर को ढककर सुरक्षा देती है, बल्कि इसे सिख परंपरा में पवित्र और अनिवार्य माना गया है। चूंकि पगड़ी के ऊपर हेलमेट पहनना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं होता, इसलिए मोटर व्हीकल नियमों में पगड़ीधारी सिख पुरुषों और महिलाओं को हेलमेट पहनने से छूट दी गई है। यह छूट धार्मिक स्वतंत्रता और आस्था का सम्मान करते हुए दी गई है।
हेलमेट न पहनने पर क्या है सजा का प्रावधन
अगर कोई व्यक्ति हेलमेट पहनने के नियम का उल्लंघन करता है और वह कानूनी छूट की श्रेणी में नहीं आता, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है। मोटर व्हीकल एक्ट के तहत ऐसे व्यक्ति पर 5000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। साथ ही, उसका ड्राइविंग लाइसेंस 3 साल तक के लिए निलंबित किया जा सकता है। यह नियम सिर्फ चालक ही नहीं, बल्कि पीछे बैठने वाले व्यक्ति पर भी समान रूप से लागू होता है। इसका मकसद सड़क सुरक्षा को सख्ती से लागू करना और हादसों में जान-माल के नुकसान को कम करना है।
कोर्ट का फैसला, पगड़ीधारी को ही मिलेगी हेलमेट से छूट
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने अपने एक अहम फैसले में स्पष्ट किया है कि हेलमेट से छूट सिर्फ उन्हीं सिख व्यक्तियों को मिलेगी जो पगड़ी पहनते हैं। अगर कोई सिख महिला या पुरुष पगड़ी नहीं पहनता, तो उसे अन्य नागरिकों की तरह हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि धार्मिक छूट का दुरुपयोग रोका जाना जरूरी है। इसके लिए यातायात पुलिस को सख्ती से निगरानी करनी चाहिए, ताकि नियमों का सही पालन हो सके और सड़क सुरक्षा से कोई समझौता न हो।
विशेष परिस्थितियों में हेलमेट से अस्थाई छूट
कुछ विशेष परिस्थितियों में व्यक्ति को हेलमेट पहनने से अस्थाई छूट मिल सकती है, खासकर जब यह उसके स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण हो। उदाहरण के लिए, अगर सिर में गंभीर चोट, हालिया सर्जरी, या किसी चिकित्सकीय कारण से हेलमेट पहनना संभव न हो, ऐसे मामलों में व्यक्ति पंजीकृत डॉक्टर से प्रमाण पत्र प्राप्त कर, अस्थाई छूट के लिए प्रशासन या ट्रैफिक विभाग में आवेदन कर सकता है। हालांकि, यह छूट: केवल अस्थायी होती है और मेडिकल आवश्यकता तक सीमित रहती है।





