नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। सनातन धर्म में फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी को विजया एकादशी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इसी पावन एकादशी का व्रत और पूजन करके भगवान श्रीराम ने त्रेतायुग में लंकापति रावण पर विजय प्राप्त की थी। यही कारण है कि विजया एकादशी को संकट नाशक और विजय दिलाने वाली एकादशी माना जाता है।सुख, सौभाग्य, सफलता और शत्रुओं पर विजय का आशीर्वाद देने वाली विजया एकादशी 13 फरवरी 2026 को मनाई जाएगी। इस दिन विधि-विधान से भगवान श्री विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से जीवन के बड़े से बड़े कष्ट भी दूर हो जाते हैं। आइए जानते हैं विजया एकादशी पर किए जाने वाले 10 अचूक सनातनी उपाय, जिन्हें करने से मनोकामनाएं शीघ्र पूरी होती हैं।
विजया एकादशी के 10 अचूक उपाय
1. पवित्र स्नान का महत्व
विजया एकादशी के दिन गंगा नदी या किसी पवित्र तीर्थ में स्नान करना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। यदि संभव न हो, तो घर पर ही स्नान के जल में गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
2. दान से बढ़ता है पुण्य
इस दिन स्नान के बाद दान का विशेष महत्व है। अपनी सामर्थ्य के अनुसार अन्न, वस्त्र या धन का दान किसी जरूरतमंद या मंदिर के पुजारी को करें।
3. आर्थिक संकट से मुक्ति का उपाय
धन संबंधी परेशानियों या कार्यों में सफलता के लिए भगवान विष्णु को पीले कपड़े में हल्दी की दो गांठें अर्पित करें। पूजा के बाद इन्हें अपने कार्यस्थल या बैग में रखें।
4. शंख से अभिषेक
विजया एकादशी के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु का अभिषेक करें। केसर मिले दूध या पंचामृत से किया गया अभिषेक विशेष फलदायी माना जाता है।
5. विष्णु मंत्र का जप
इस दिन तुलसी की माला से
“ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः”
मंत्र का अधिक से अधिक जप करें।
6. पीले रंग का विशेष महत्व
पीले वस्त्र धारण करें और पूजा में पीले पुष्प, पीले फल एवं पीली मिठाई भगवान विष्णु को अर्पित करें।
7. तिलक और धागा उपाय
भगवान विष्णु को केसर या पीला चंदन अर्पित करें और वही तिलक प्रसाद स्वरूप अपने मस्तक पर लगाएं। साथ ही पीला धागा दाहिने हाथ में बांधें।
8. तुलसी दल अर्पण अनिवार्य
तुलसी जी को विष्णुप्रिया कहा गया है। बिना तुलसी दल अर्पित किए विष्णु पूजा अधूरी मानी जाती है।
9. लक्ष्मी कृपा के लिए दीपदान
तुलसी माता को जल देने के बाद शुद्ध देसी घी का दीपक जलाएं और उनकी परिक्रमा करें, इससे माता लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
10. धार्मिक पाठ अवश्य करें
विजया एकादशी के दिन व्रत कथा के साथ-साथ विष्णु सहस्त्रनाम, नारायण कवच या श्रीमद्भागवत कथा का पाठ जरूर करें।


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