नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। साल भर में आने वाली 24 एकादशियों में कामदा एकादशी का स्थान बेहद महत्वपूर्ण है। यह एकादशी चैत्र माह के शुक्ल पक्ष में आती है और इसे मनोकामनाओं की पूर्ति करने वाली माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु सुबह स्नान कर भगवान विष्णु की पूजा करते हैं, व्रत रखते हैं और रात्रि में जागरण करते हैं। तो चलिए जानते हैं ये एकादशी कब मनाई जाएगी।
इस दिन मनाई जाएगी कामदा एकादशी
साल 2026 में कामदा एकादशी 29 मार्च, रविवार को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत रखने से व्यक्ति के सभी पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस एकादशी का व्रत करने से न केवल इच्छाओं की पूर्ति होती है, बल्कि मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग भी प्रशस्त होता है।
पारण का समय
28 मार्च को प्रात:काल 08:45 बजे प्रारंभ होकर कामदा एकादशी अगले दिन 29 मार्च 2026 की सुबह 07:46 बजे तक रहेगी। ऐसे में उदया तिथि को आधार मानते हुए कामदा एकादशी का व्रत 29 मार्च 2026, रविवार को रखा जाएगा और इसका पारण 30 मार्च 2026, सोमवार को प्रात:काल 06:14 से 07:09 बजे के बीच किया जा सकेगा।
कामदा एकादशी की कथा और महत्त्व
कामदा एकादशी से जुड़ी एक पौराणिक कथा भी प्रचलित है। कहा जाता है कि प्राचीन काल में रत्नपुर नामक नगर में एक गंधर्व दंपत्ति रहता था। एक बार गंधर्व ने राजा के दरबार में गलती कर दी, जिससे क्रोधित होकर राजा ने उसे राक्षस बनने का श्राप दे दिया। दुखी होकर उसकी पत्नी ने एक ऋषि से उपाय पूछा। ऋषि ने उसे कामदा एकादशी का व्रत करने की सलाह दी।
पत्नी ने पूरे विधि-विधान से यह व्रत किया और उसका पुण्य अपने पति को अर्पित किया, जिससे उसका श्राप समाप्त हो गया और वह पुनः अपने वास्तविक रूप में लौट आया। इस कथा से यह स्पष्ट होता है कि इस एकादशी का व्रत कठिन से कठिन संकट को भी दूर कर सकता है।




