नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। हिंदू धर्म में हनुमान जयंती (Hanuman Jayanti) का पर्व अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है।इस दिन भगवान श्रीराम के परम भक्त, बल, बुद्धि और भक्ति के प्रतीक हनुमान जी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। मान्यता है कि उनका अवतार चैत्र शुक्ल पूर्णिमा को हुआ था, इसलिए यह तिथि विशेष महत्व रखती है। इस अवसर पर भक्त व्रत रखते हैं और पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं।
हनुमान जी की पूजा का महत्व
हनुमान जी असीम शक्ति और साहस के प्रतीक हैं। उन्हें संकटमोचन कहा जाता है क्योंकि वे सभी प्रकार की विपत्तियों और नकारात्मकताओं को दूर करते हैं। हनुमान जयंती के दिन की गई पूजा से मन की शांति, स्वास्थ्य में सुधार और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है।
पूजा विधि
हनुमान जी की पूजा अगर आप अपने घर कर रहे हैं तो साफ स्थान पर करें। उनकी प्रतिमा या तस्वीर को लाल कपड़े पर रखें। पूजा में लाल फूल, सिंदूर, दूर्वा, तुलसी, हल्दी और अक्षत अर्पित करें। सबसे पहले जल या दूध से अभिषेक करें और मंत्र “ॐ हनुमते नमः” का जाप करें। हनुमान चालीसा पढ़ें या सुनें। आरती करें और दीप जलाएं। पूजा के अंत में मीठा प्रसाद चढ़ाएं और ग्रहण करें।
इन मंत्रों का करें जाप
ऊँ नमो हनुमते रुद्रावताराय अक्षिशूलपक्षशूल शिरोऽभ्यन्तर
शूलपित्तशूलब्रह्मराक्षसशूलपिशाचकुलच्छेदनं निवारय निवारय स्वाहा।
ॐ नमो हनुमते आवेशाय आवेशाय स्वाहा।
ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा।
आदिदेव नमस्तुभ्यं सप्तसप्ते दिवाकर।त्वं रवे तारय स्वास्मानस्मात्संसार सागरात।।
महाबलाय वीराय चिरंजिवीन उद्दते।हारिणे वज्र देहाय चोलंग्घितमहाव्यये।।
ॐ हं हनुमंते नम:
ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट।
ॐ पूर्वकपिमुखाय पच्चमुख हनुमते टं टं टं टं टं सकल शत्रु सहंरणाय स्वाहा।
हनुमान जयंती पर जरूर करें ये दान
हनुमान जयंती के पावन अवसर पर हल्दी का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके अलावा इस पावन अवसर पर अन्न का दान अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन जरूरतमंदों को अनाज देने से घर में कभी आर्थिक कमी नहीं आती और समृद्धि बनी रहती है।




