नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। महाशिवरात्रि के दिन भोलेनाथ की पूजा अर्चना करने का महत्व है ऐसा माना जाता है कि आज के दिन माता पार्वती और भोलेनाथ का विवाह हुआ था इसलिए यह त्योहार मनाया जाता है। वही आज के दिन अगर आप भोलेनाथ को प्रसन्न करना चाहते हैं तब आप उनके कुछ चमत्कारी और विशेष मंत्रों का भी जब कर सकते हैं। ऐसा करने से उनकी कृपा आपके घर परिवार में बनी रहती है और चारों तरफ से आपके घर में सुख समृद्धि आती है। भोलेनाथ को प्रसन्न करने का यह खास अवसर माना जाता है।
पूजा विधि
महाशिवरात्रि के दिन लोग शिव मंदिर में जाकर पूजा करते हैं, शिवलिंग का अभिषेक करते हैं, आरती करते हैं और मंत्रोच्चारण करते हैं। साथ ही, इस पूरे दिन व्रत भी रखा जाता है. महाशिवरात्रि पर रात के 4 प्रहर में पूजा करने का बहुत ज्यादा महत्व होता। महाशिवरात्रि के दिन पूजा करने के लिए आपको प्रातः काल उठना चाहिए। अगर आप गंगा नदी में स्नान कर रहे हैं तब आपको इसका ज्यादा फल प्राप्त होता है।सुबह स्नान के बाद सफेद रंग के कपड़े पहनें और फिर भोलेनाथ के सामने निराहार व्रत का संकल्प लें। अगर आप निराहार व्रत नहीं रख सकते हैं तो आप फलाहार कर सकते हैं। इसके बाद आपको सुबह शिवलिंग की जाकर पूजा अर्चना करनी चाहिए। इसके बाद पूरे दिन व्रत को रखने के बाद शाम को भोलेनाथ की आरती और मंत्र उच्चारण के साथ उन्हें भोग लगे और एक बार फिर से पूजा अर्चना करें। शिव चालीसा का भी पाठ करें। इसके अलावा आज के दिन आप रुद्राभिषेक भी कर सकते हैं इसका और ज्यादा फल प्राप्त होता है।
इन मंत्रों का करें जाप
करचरण कृतं वाक्कायजं कर्मजं वा ।
श्रवणनयनजं वा मानसं वापराधं ।
विहितमविहितं वा सर्वमेतत्क्षमस्व ।
जय जय करुणाब्धे श्रीमहादेव शम्भो ॥
‘ऐं ह्रीं श्रीं ‘ॐ नम: शिवाय’ : श्रीं ह्रीं ऐं
ॐ ऐं ह्रीं शिव गौरीमय ह्रीं ऐं ऊं।
शिव गायत्री मंत्र- ॐ तत्पुरुषाय विद्महे, महादेवाय धीमहि, तन्नो रूद्र प्रचोदयात्।।
ॐ जूं स:।
ॐ त्र्यंम्बकम् यजामहे, सुगन्धिपुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्, मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।।
ऊं हरये नमः
– ऊं महेश्वराए नमः
– ऊं शूलपानायाय नमः
– ऊं पिनाकपनाये नमः
– ऊं पशुपतये नमः
देव देव महादेव नीलकंठ नमोस्तुते।
कर्तुम इच्छा म्याहम प्रोक्तं, शिवरात्रि व्रतं तव।।
महाशिवरात्रि के दिन इस प्रकार करें भोलेनाथ को प्रसन्न
शिवरात्रि पर स्फटिक के शिवलिंग की पूजा कर सकते हैं। घर के मंदिर में जल, दूध, दही, घी, शहद, और शक्कर से इस शिवलिंग को स्नान कराएं। ऊं नम: शिवाय मंत्र का जप कम से कम 108 बार करें। इस उपाय को करने से आपको नौकरी या व्यापार में आ रही परेशानियों से मुक्ति मिलती है। इसके अलावा आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए की फटी हुई बेलपत्र भोलेनाथ को नहीं अर्पित करनी चाहिए। वही ऐसा माना जाता है कि शिवरात्रि के दिन बेलपत्र को भी नहीं तोड़ना चाहिए।





