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Friday, March 6, 2026
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Mahashivratri 2024 Date: महाशिवरात्रि कब है और क्या हैं इस बार खास? जानें सही तिथि और मुहुर्त

महाशिवरात्रि हर साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी दिन मनाई जाती है। इस साल महाशिवरात्रि 8 मार्च 2024 को मनाई जाएगी है।

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। महाशिवरात्रि का पर्व हिंदू धर्म में काफी महत्वपूर्ण होता है। इस दिन भगवान भोलेनाथ की पूजा करके मनचाहा फल प्राप्त किया जाता है। क्योंकि इसी दिन भगवान भोलेनाथ और पार्वती माता का विवाह हुआ था। इस दिन पूजा करने से अगर आपकी विवाह में कोई अर्चन आ रही है, तो वह खत्म हो जाती है और आपका विवाह जल्दी होता है।

महाशिवरात्रि की तिथि

इस बार महाशिवरात्रि का यह पर्व फाल्गुन मास कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि का आरंभ 8 मार्च 2024 को मनाया जाएगा। यह पर्व रात 9 बजकर 57 मिनट पर होगा और अगले दिन यानी 9 मार्च 2024 को शाम 6 बजकर 17 मिनट पर समाप्त होगा। इस बार रात्रि पूजा मुहूर्त के हिसाब से 8 मार्च को ही महाशिवरात्रि मनाई जाएगी।

पूजन का शुभ समय

प्रथम पहर पूजन समय- 8 मार्च को शाम 6 बजकर 25 मिनट से शुरू होगा और समापन रात 9 बजकर 28 मिनट को होगा।

दूसरा पहर पूजन समय- 8 मार्च को रात 9  बजकर 28 मिनट से शुरू होगा और समापन 9 मार्च को रात 12 बजकर 31 मिनट पर होगा ।

तीसरे पहर पूजन समय-  मार्च को रात 12 बजकर 31 मिनट से शुरू होगा और समापन सुबह 3 बजकर 34 मिनट पर होगा।

चौथा पहर पूजन समय-  सुबह 3 बजकर 34 मिनट से लेकर सुबह 6 बजकर 37 मिनट तक।

महाशिवरात्रि पर भगवन को चढ़ाएं ये वस्तुएं

महाशिवरात्रि के इस पवन पर्व पर आप शिव जी को तीन पत्तों वाला बेलपत्र चढ़ाएं। भगवान भलनाथ को भांग बहुत प्रिय है इसलिए इस दिन भांग को दूध में मिलाकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। धतुरा और गन्ने का रस भी भगवान को चढ़ाया जाता है। इस दिन आप भ गंगाजल से रुद्राविशेक भी कर सकते हैं। ऐसा करने से भगवान की कृपा आप और घर परिवार पर बनी रहती हैं। अगर आप को संतान से जुडी कोई समस्या है। तो महाशिवरात्रि के दिन आप आटे से 11 शिवलिंग बनाएं और उनकी पूजा करें। अगर आप के विवहा में कोई दिक्कत आ रही हैं तब आप को भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती की विवहा वाली तस्वीर की पूजा करनी चाहिए।

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डिसक्लेमर

इस लेख में प्रस्तुत किया गया अंश किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की पूरी सटीकता या विश्वसनीयता की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारियां विभिन्न स्रोतों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/प्रामाणिकताओं/धार्मिक प्रतिष्ठानों/धर्मग्रंथों से संग्रहित की गई हैं। हमारा मुख्य उद्देश्य सिर्फ सूचना प्रस्तुत करना है, और उपयोगकर्ता को इसे सूचना के रूप में ही समझना चाहिए। इसके अतिरिक्त, इसका कोई भी उपयोग करने की जिम्मेदारी सिर्फ उपयोगकर्ता की होगी।

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