नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। भगवान शिव का सबसे प्रिय महीना सावन का आज आखिरी सोमवार है। ऐसे में श्रद्धालुओं के पास भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने का आखिरी मौका है। 4 जुलाई से शुरू हुआ सावन माह 31 अगस्त को समाप्त होगा। इस बार अधिक मास के कारण सावन दो माह का था। इस दौरान 8 सोमवार का संयोग बना था। सावन का आठवां और आखिरी सोमवार आज है। सावन महीने में सोमवार का दिन बेहद खास माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु भगवान शिव का व्रत रखते हैं और विधिपूर्वक पूजा करते हैं। यह व्रत रखने और पूजा करने से इंसान की सभी समस्याएं दूर हो जाती हैं।
खास संयोग बन रहा
इस साल 8वें और आखिरी सोमवार पर खास संयोग बन रहे हैं। इस सोमवार सावन पुत्रदा एकादशी व्रत का पारण होगा। इसके साथ ही इसी दिन सोम प्रदोष व्रत का संयोग भी है। पंचांग के अनुसार आज की शाम 6.22 बजे तक सावन माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि है। इसके बाद त्रयोदशी तिथि शुरू होगी। ऐसे में आप सुबह सावन सोमवार व्रत की पूजा करने के साथ शाम को प्रदोष व्रत की भी पूजा कर सकते हैं। इस दिन पूजा का मुहूर्त 9:09 बजे से दोपहर 12:23 बजे तक है। फिर प्रदोष काल में पूजा का मुहूर्त शाम 6:48 बजे से रात 9:02 बजे तक है।
मंदिर या घर पर करें पूजा
सुबह स्नान के बाद व्रत और शिवजी की पूजा का संकल्प लें। सुबह शुभ मुहूर्त में शिव मंदिर में जाकर या अपने घर में ही शिवलिंग की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करें। इसके बाद गंगाजल या दूध से भगवान शिव का अभिषेक करें। फिर भगवान शिव को चंदन, अक्षत, सफेद फूल, बेलपत्र, भांग की पत्तियां, शमी के पत्ते, धतूरा, भस्म और फूलों की माला आदि अर्पित करें। भगवान शिव को शहद, फल, मिठाई, शक्कर, धूप-दीप भी अर्पित करें। इसके बाद शिव चालीसा का पाठ करें। फिर सोमवार व्रत कथा का भी पाठ करें। अंत में शिवलिंग के समक्ष घी का दीपक जलाएं और भगवान भोलेबाबा की आरती करें।




