नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि पर्व का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का विशेष विधान है। हिंदू धर्मंग्रंथ के मान्यतानुसार, इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। इसलिए भी महाशिवरात्रि का सभी श्रद्धालुओं को बेसब्री से इंतजार रहता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा के साथ ही अन्न और धन समेत कई अन्य चीजों का दान का भी करते हैं। धार्मिक मान्यतानुसार इस दिन व्रत करने से जातक की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है साथ ही कुंवारे युगल की विवाह संबंधी समस्याओं से भी निजात मिलता है और मनचाहा वर मिलता है।
महाशिवरात्रि 2025 भद्रा का साया
बता दें कि, इस बार महाशिवरात्रि पर भद्रा का साया छाया रहेगा। जिसके चलते पूजा, मुंडन संस्कार और ग्रह प्रवेश समेत सभी शुभ और मांगलिक कामों पर रोक रहती है। ऐसे में आइए जानते हैं कैसे करेगें महाशिवरात्रि पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना जाने ये शुभ मुहूर्त।
हिंदू पंचांगनुसार, महाशिवरात्रि इस बार फरवरी महीने के 26 फरवरी को सुबह 11 बजकर 08 मिनट पर शुरू हो रही है और इसी के साथ इस तिथि का समापन अगले यानी 27 फरवरी को सुबह 08 बजकर 54 मिनट पर समाप्त होगा। ऐसे में बताते चलें कि, महाशिवरात्रि का पर्व 26 फरवरी को ही मनाया जाएगा। और इसी के साथ ही पवित्र स्थलों पर भी इस दिन स्नान ध्यान किया जाऐगा इसके अगले दिन यानी 27 फरवरी को सुबह 06 बजकर 48 मिनट से 8 बजें तक श्रद्धालु अपने व्रत का पारण कर सकते है।
महाशिवरात्रि 2025 भद्रा का टाइम
महाशिवरात्रि के दिन 26 फरवरी को सुबह 11 बजकर 3 मिनट से रात 10 बजकर 17 मिनट तक भद्रा का साया रहेगा। शास्त्रों के अनुसार, भद्रा के दौरान मांगलिक कार्य की मनाही होती है। इस दौरान किए गए पूजा पाठ का फल नही प्राप्त होता है साथ ही इसके अन्य दोष भी लग जाते है। जिसके कारण भद्रा में पूजा पाठ नही किए जाते। चूंकि महाशिवरात्रि के दिन भद्रा का वास पाताल लोक में होगा, तो ऐसे में महाशिवरात्रि के दिन किसी भी समय देवाधिदेव महादेव की पूजा की जा सकती है।
महाशिवरात्रि पूजा का समय
महाशिवरात्रि के दिन देव शिव की पूजा करने शुभ मुहूर्त शाम 6 बजकर 19 मिनट से लेकर रात 9 बजकर 26 मिनट तक शुभ मुहुर्त है। वहीं रात 9 बजकर 26 मिनट से लेकर देर रात 12 बजंकर 34 मिनट तक भी पूजा का मुहूर्त है।
इन दोनों समय में आप महाशिवरात्रि पर विधिपूर्वक महादेव शिव जी की पूजा-अर्चना कर भक्त की अपनी सभी मुरादें जल्द पाते हैं।




