नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। शारदीय चैत्र नवरात्र का पर्व मां दुर्गा की कृपा प्राप्त करने के लिए शुभ माना जाता है। नवरात्रि के दौरान भक्त पूरे श्रद्धा भाव से व्रत और पूजन करते हैं, वैसे तो नवरात्रि का व्रत साल में चार बार रखा जाता है, जिसमें से दो गुप्त और दो प्रत्यक्ष होते हैं। वहीं चैत्र माह में आने वाली व शारदीय नवरात्रि प्रत्यक्ष होते हैं। हिंदू पंचांगनुसार, चैत्र नवरात्रि की शुरुआत चैत्र मास शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है वहीं इसी दिन से हिंदू नववर्ष का शुभारंभ भी होता है।
विधिपूर्वक व्रत का संकल्प भी किया जाता है
नवरात्र के दौरान नौ दिनों तक साधक व भक्त मां दुर्गा की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। साथ ही विधिपूर्वक व्रत का संकल्प भी किया जाता है। जिसमें ऐसी धार्मिक मान्यता है कि इससे मां दुर्गा प्रसन्न होती है। व घर में सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। अब वहीं कुछ दिनों में चैत्र नवरात्र की शुरुआत होने जा रही है, तो ऐसे में आप चैत्र नवरात्र से पहले ही घर में कुछ विशेष चीजों को लाकर घर में मां दुर्गा के आगमन की शुरुवात कर देगें। मान्यता है कि इन शुभ चीजों को चैत्र नवरात्र से पहले घर लाने से साधक व भक्त की किस्मत चमक जाती है। साथ ही मां दुर्गा भी प्रसन्न होती हैं।
कब से है चैत्र नवरात्र?
हिंदु पंचांगनुसार, इस बार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि की शुरुआत दिनांक 29 मार्च को शाम 04 बजकर 27 मिनट पर हो रही है और इस तिथि का समापन 30 मार्च को दोपहर 12 बजकर 49 मिनट पर होगा। ऐसे में चैत्र नवरात्र की शुरुआत 30 मार्च से होगी। इससे पहले कहीं देर ना हो जाएं आप अभी ले आऐं इन महत्वपूर्ण चीजों को ।
कलश स्थापना
चैत्र नवरात्र को मां दुर्गा की पूजा-अर्चना और उनकी कृपा प्राप्त करने शुभ माना जाता है, तो ऐसे में चैत्र नवरात्र से पहले ही घर लाएं मां दुर्गा का विग्रह इसे कलश स्थापना के दौरान चौकी पर मां दुर्गा की मूर्ति को स्थापित करें । वहीं इसके बाद शुद्ध घी का दीया जलाकर आरती करें। इस उपाय को करने से आपके और आपके परिवार पर माता रानी की कृपा हमेशा बनी रहेगी। साथ ही आपके जीवन में सकारात्मकता का संचार होगा।
धन लाभ के योग बनेंगे योग
इसी कें साथ ही चैत्र नवरात्र से पहले मां दुर्गा के पद चिह्न भी घर ले लाएं। इसे आप मां दुर्गा के चौकी के पास रखें। साथ ही इसकी पूजा कर इसपर मौली, रोली गंगाजल का छिड़काव करें। मान्यता है कि, इस उपाय को करने से धन लाभ के योग बनने लगते हैं वहीं भक्त व साधक को अपने जीवन में धन की कमी का सामना करना नहीं करना पड़ता।
जीवन होगा खुशहाल
नवरात्र के पूजा में कलश का अपना विशेष महत्व है इसी से नवरात्र के घट स्थापना की शुरुवात भी होती है। ऐसे में नवरात्री से पहले ही कलश स्थापना हेतू मिट्टी या पीतल से बना कलश लाना चाहिए। व उसे पानी से धोकर गंगाजल से शुद्ध कर एक कोने में रख देना चाहिए। क्योकि घट का प्रतीक ही कलश होता है। जिसमें नारियल आम के पत्ते लगा इसमें सुपारी, सिक्का, हल्दी गांठ रखने का विधान है। व मान्यता है कि, इससे भक्त व साधक को इस पूजा का पूरा फल मिलता है। इसके साथ ही उनके जीवन में खुशियों का आगमन भी होता है।
सभी इच्छाएं होंगी पूरी
इन सभी चीजों के साथ ही नवरात्र पूजा में दिन-रात जलनेवाली अखंड ज्योत का भी बहुत महत्व है। क्योकि इसमें जवारें कलश के साथ ही एक अखंड ज्योत भी जलाई जाती है, तो इसके लिए अभी से अखंड ज्योत जलाने दीएं घर ले लाएं। अखंड ज्योत को चौकी पर स्थापित कर इसकी पूजा का विधान है इसे जौ, चावल या गेहूं की ढेरी पर रख पूजा कर मंत्रो द्वारा जलाया जाना चाहिए। इससे मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और भक्तों की सभी इच्छाएं पूरी करती हैं।




