नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। हिंदू धर्म में एकादशी का बहुत महत्त्व होता हैं एस दिन लोग व्रत रहते हैं और देवी देवता की पूजा अर्चना करते है। ऐसा माना जाता हैं आज के जों जातक वरुथिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करते हैं और उनके मंत्रों का जाप करके उन्हें प्रसन्न करते हैं उनके घर पर हमेशा तरक्की होती है।इसके साथ ही ये माना जाता है कि इस दिन कुछ उपायों को करने से सभी प्रकार की समस्याओं का अंत हो जाता है।
पूजा विधि
एकादशी के दिनआपको सुबह जल्दी उठकर स्नान कारन चाहिए। इसके एक चौकी पर साफ कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की मूर्ति को स्थापित करें। अगर आपके घर में पहले से ही भगवान की मूर्ति है तो आप पूजा शुरू करते हुए अब गंगाजल व पंचामृत से अभिषेक करें। तिलक लगाएं और पीले फूल अर्पित करें। देसी घी का दीपक जलाकर आरती करते हुए मंत्रों का जप और विष्णु चालीसा का पाठ करें। साथ ही एकादशी व्रत कथा का पाठ करें। फल और मिठाई का चीजों का भोग लगाएं। आखिरी लोगों में प्रसाद बाटें।
वरुथिनी एकादशी का महत्व
आपको बता दें कि, प्रत्येक माह में दो एकादशी होती हैं, जिससे वर्ष में कुल 24 एकादशी का आयोजन होता है। प्रत्येक एकादशी का अपना अलग महत्व होता है।वहीं वरुथिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु का पूजन और व्रत करने का विधान है। ऐसा करने के घर में सुख-समृद्धि आती है। सभी पापों का नाश होता। और मृत्यु के बाद मोक्ष मिलता है। जो भी व्यक्ति एकादशी का व्रत और पूजन करता है, उसके पूर्वजों को भी मोक्ष मिलता है।इस लिए लोग वरुथिनी एकादशी का व्रत रखते हुए देवी देवताओं की पूजा करते हैं ताकि उनकी कृपा बानी रहें।
वरुथिनी एकादशी के दिन दान का महत्त्व
वरुथिनी एकादशी के दिन दान करने का भी महत्त्व है। कहते हैं कि आज के दिन किया गया दान का काफी ज्यादा पुण्य मिलता है। इस लिए जातक व्रत रखने पूजा करने के साथ ही जरूरतमंदो को दान भी देते हैं। बता दें कि, वरुथिनी एकादशी के दिन पीले कपड़े, पूजा का सामान और पीली मिठाई का दान करना चाहिए।




