back to top
16.1 C
New Delhi
Wednesday, March 25, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Hartalika Teej 2025 : सुहागिन महिलाएं क्‍यों रखती है हरतालिका तीज पर व्रत? जानें महत्‍व और तिथि

शास्‍त्राओं में बताया गया है कि जीवन में इस व्रत का अत्यंत पुण्यकारी और फलदायी महत्व माना गया है। यह व्रत माता पार्वती के तप और भगवान शिव से उनके दिव्य विवाह की स्मृति में किया जाता है।

नई दिल्‍ली, रफ्तार डेस्‍क । हिन्दू धर्म में सुहागिन महिलाओं के लिए हरतालिका तीज अपना एक अलग स्‍थान रखती है। इस दिन का उपवास महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह व्रत भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। यह खास पर्व विशेष रूप से सुहागिन महिलाओं के द्वारा अपने पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और वैवाहिक सुख की प्राप्ति के लिए रखा जाता है। 

धार्मिक मान्‍यताओं के अनुसार, शास्‍त्राओं में बताया गया है कि जीवन में इस व्रत का अत्यंत पुण्यकारी और फलदायी महत्व माना गया है। यह व्रत माता पार्वती के तप और भगवान शिव से उनके दिव्य विवाह की स्मृति में किया जाता है। आइए जानें, हरतालिका तीज का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए क्यों आवश्यक और विशेष माना जाता है। 

माता पार्वती का तप और संकल्प

हरतालिका तीज व्रत का नाता मां माता पार्वती के उस कठिन तप से है जो उन्होंने भगवान शिव को पाने के लिए किया था। उन्होंने कई वर्षों तक निर्जल रहकर घोर तपस्या की थी। अंततः उनके दृढ़ संकल्प और भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया। सुहागिन महिलाएं इस व्रत को कर, माता पार्वती की तरह अपने पति के साथ अटूट प्रेम और समर्पण की भावना को जीवन में उतारती हैं।

पति की दीर्घायु और सुरक्षा के लिए संकल्प

हरतालिका तीज व्रत का खास महत्‍व अपने पति की लंबी उम्र, आरोग्य और सुरक्षा की कामना करना होता है। महिलाएं दिनभर निर्जल रहकर उपवास करती हैं और रात्रि में जागरण कर शिव-पार्वती की पूजा करती है।

वैवाहिक जीवन में सुख-शांति का प्रतीक

धार्मिक शास्‍त्रों में कहा गया है कि इस व्रत को श्रद्धा और विधिपूर्वक करने से दांपत्य जीवन में प्रेम, समझदारी और सामंजस्य बढ़ता है। शिव-पार्वती का दिव्य विवाह एक आदर्श वैवाहिक जीवन का प्रतीक है, जिससे प्रेरणा लेकर महिलाएं अपने वैवाहिक जीवन को सफल बनाने की कामना करती हैं। 

कन्याओं के लिए उत्तम वर की प्राप्ति का अवसर

हरतालिका तीज न केवल विवाहित बल्कि कन्याओं के लिए भी फलदायी माना गया है। जो कन्याएं इस व्रत को पूरी श्रद्धा से करती हैं, उन्हें शिव जैसा आदर्श पति प्राप्त होता है। 

एक आध्यात्मिक तपस्या का अवसर 

हरतालिका तीज व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए एक आध्यात्मिक तपस्या का अवसर है, जिसमें वे माता पार्वती के आदर्शों को अपनाकर अपने वैवाहिक जीवन को सुखमय बनाती हैं। यह व्रत स्त्री की श्रद्धा, भक्ति और समर्पण का प्रतीक है। 2025 में हरतालिका तीज को पूर्ण विधि-विधान से मनाकर महिलाएं शिव-पार्वती का आशीर्वाद प्राप्त कर सकती हैं और अपने जीवन में सौभाग्य, प्रेम व सुख-शांति ला सकती हैं।

Advertisementspot_img

Also Read:

Hartalika Teej 2025: पहली बार हरतालिका तीज का व्रत करने वाले ध्यान रखें ये खास बातें

नई दिल्‍ली, रफ्तार डेस्‍क । हरतालिका तीज आने वाली तारीख 26 अगस्‍त 2025 को पड़ रहा है। ये दिन विवाहित महिलाओं के अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण...
spot_img

Latest Stories

दिल्ली की इन जगहों में कर सकते हैं प्री वेडिंग शूट, जानिए पूरी जानकारी

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। शादी का मौसम शुरू होने...

Vastu Tips: तरक्की पाने के लिए रखें इन वास्तु उपायों का ध्यान, तरक्की हो जाएगी डबल

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) घर...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵