back to top
29.1 C
New Delhi
Monday, March 2, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

मार्ग शीर्ष पूर्णिमा व्रत विधि- Margashirsha Purnima Vrat Vidhi in Hindi

पूर्णिमा व्रत हर मास में रखा जाता है। प्रत्येक मास में व्रत की विधियां अलग- अलग होती हैं। मार्ग शीर्ष पूर्णिमा व्रत (Margashirsha Purnima Vrat) सभी कामनाओं की सिद्धि करने वाला माना जाता है।

मार्ग शीर्ष पूर्णिमा (Margh Shirsh Purnima)

वर्ष 2022 में मार्ग शीर्ष पूर्णिमा का व्रत 07 दिसंबर को मनाया जायेगा।

मार्ग शीर्ष पूर्णिमा का महत्व

गंगा नदी में स्नान करना इस महीने के दौरान पवित्र माना जाता है जैसे कार्तिक, माघ, वैश्य आदि सहित अन्य महीनों जैसे मार्गशिर्षा पूर्णिमा बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। मार्ग शीर्ष पूर्णिमा के दिन भगवान सत्यनारायण की पूजा की जानी चाहिए क्योंकि वह सभी समस्याओं और पापों से मुक्ति प्रदान करते है।

इस दिन दान करने वाले व्यक्ति को अपने सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है। यह माना जाता है कि इस दिन किये गए धार्मिक कार्यो से सामान्य दिन के मुकाबले 32 गुणा बेहतर परिणाम मिलते है इसलिए मार्ग शीर्ष पूर्णिमा को बैटीसी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है।

मार्ग शीर्ष पूर्णिमा व्रत विधि (Margh Shirsh Purnima Vrat in Hindi)

नारद पुराण के अनुसार इस दिन शांत स्वभाव वाले ब्राह्मण को दान करना चाहिए। इस दिन व्रती के पुष्य का योग होने पर पीली सरसों के उबटन को अपने शरीर पर मलना चाहिए। इसके पश्चात स्वच्छ जल से स्नान कर नया वस्त्र पहनना चाहिए।

इस प्रकार पूजा घर में भगवान विष्णु की प्रतिमा की स्थापना कर उनकी पूरे विधि- विधान से पूजा करनी चाहिए। पूजा के बाद हवन कर ब्राह्मणों को खीर खिलाकर उन्हें धन, वस्त्र, अन्न, फल आदि शक्ति अनुसार दान करना चाहिए।
 

मार्ग शीर्ष पूर्णिमा के अनुष्ठान

मार्ग शीर्ष पूर्णिमा के दिन भक्त बहुत जल्दी उठते हैं और तुलसी पौधे की जड़ों के पानी के साथ स्नान करते हैं। स्नान करने के दौरान, ‘ओम नमो नारायण’ या गायत्री मंत्र का जप करना चाहिए। यह माना जाता है कि मार्गशिर्षा पूर्णिमा पर गंगा नदी में एक पवित्र डुबकी लेना बहुत फायदेमंद होता है।

भक्त इस दिन उपवास करते हैं ताकि उनके ‘इष्ट देवता’ को खुश कर सकें। मार्ग शीर्ष पूर्णिमा पर उपवास करके और ‘सत्यनारायण कथा’ का पाठ करके जीवन में सभी बाधाएं दूर की जा सकती है और सफलता हासिल करी जा सकती हैं। यह व्रत सारे दिन चलता है और भक्त कुछ भी खाते या पीते नहीं है। मार्ग शीर्ष का व्रत करने वाले लोगों को भजन और कीर्तन करके समय व्यतीत करना चाहिए।

मार्ग शीर्ष पूर्णिमा के अवसर पर हिंदू भक्त भगवान विष्णु की बहुत प्यार और स्नेह के साथ पूजा करते हैं। वे घर पर ‘यज्ञ’ या ‘हवन’ भी करते हैं। ‘आरती’ करने के बाद विशेष प्रसाद तैयार किया जाता है और अन्य सभी भक्तों के बीच वितरित किया जाता है।

मार्ग शीर्ष पूर्णिमा पर दान किसी अन्य दिन की तुलना में 32 गुना ज्यादा लाभ देती है इसलिए इसका नाम ‘बत्तिसी पूर्णिमा’ है। दान पैसे कपड़े या भोजन के रूप में हो सकता है। मार्ग शीर्ष पूर्णिमा में परिवार में बेटियों और अन्य महिलाओं को नए कपड़े देने का एक रस्म भी है।

मार्ग शीर्ष पूर्णिमा व्रत फल (Benefits of Margh Shirsh Purnima Vrat in Hindi)
 
मार्ग शीर्ष पूर्णिमा व्रत की महिमा से व्यक्ति की सभी कामनाओं की पूर्ति होती है तथा सौभाग्य प्राप्त होता है। इसके अलावा इस व्रत के फल से धन की प्राप्ति होती है और दरिद्रता का नाश हो जाता हैं। मृत्यु के बाद बाद व्रती स्वर्ग लोक को जाता हैं।

Advertisementspot_img

Also Read:

spot_img

Latest Stories

Amitabh Bachchan ने सोशल मीडिया पर किया ऐसा ट्वीट, फैंस में मचा तहलका

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बॉलीवुड के मेगास्टार अमिताभ बच्चन सोशल...

बंगाल से राज्यसभा की दौड़ में नई एंट्री, ममता बनर्जी ने किया नॉमिनेट, आखिर कौन हैं कोयल मल्लिक?

नई दिल्‍ली/रफ्तार डेस्‍क । पश्चिम बंगाल में राज्यसभा की...

The Kerala Story 2 Day 1 Collection: कंट्रोवर्सी के बाद भी बॉक्स ऑफिस पर मजबूत ओपनिंग

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। कोर्ट केस और सियासी विवादों के...

तेहरान समेत ईरान के कई इलाकों में विस्फोट, इजरायल की बड़ी सैन्य कार्रवाई का दावा

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अंतरराष्ट्रीय माहौल आज 28 फरवरी 2026...