नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। मंगलवार को हनुमान जी की विशेष पूजा का दिन माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो व्यक्ति इस दिन व्रत रखता है, उसके जीवन से सभी दुख-दर्द दूर होते हैं और करियर व स्वास्थ्य में भी सफलता मिलती है।हनुमान जी को समर्पित मंगलवार का दिन जीवन के कष्टों को दूर करने के लिए विशेष फलदायी माना जाता है। यदि आप यह व्रत रखते हैं, तो यहां जानिए कौन सी चीजें खानी चाहिए और कौन से नियम हैं जरूरी।
संकटमोचक हनुमान जी का व्रत: क्या खाएं, क्या नहीं?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो साधक मंगलवार का व्रत रखते हैं, उन पर पवनपुत्र हनुमान जी की विशेष कृपा बरसती है और उनके जीवन के सभी दुख-दर्द दूर होते हैं। व्रत के दौरान खान-पान को लेकर ये नियम जानना आवश्यक है।
मंगलवार व्रत में मान्य खाद्य पदार्थ
शाम के समय व्रत खोलने के बाद आप घी में बनी हुई पूरी का सेवन कर सकते हैं।व्रत में गुड़ (Jaggery) का सेवन करना अत्यंत शुभ माना गया है।आप दिनभर फलाहार कर सकते हैं और दूध का सेवन भी मान्य है।शाम को भोजन के साथ आप बेसन का लड्डू खा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, लौकी की खीर या हलवा खाना भी इस दिन शुभ फल देने वाला माना जाता है।
व्रत के अनिवार्य नियम
व्रत को शुद्धता और नियम के साथ करने पर ही पूर्ण फल मिलता है। इन बातों का रखें विशेष ध्याऩ, मंगलवार व्रत में केवल एक बार भोजन करना आवश्यक है, और यह भोजन हमेशा शाम के समय ही किया जाना चाहिए।व्रतधारी व्यक्ति को इस दिन काले या सफेद रंग के वस्त्र पहनने से पूरी तरह बचना चाहिए। लाल रंग शुभ माना जाता हैमंगलवार व्रत के दिन ब्रह्मचर्य का पालन करना अनिवार्य माना गया है।
इस तरह करें विधि-विधान से पूजा
हनुमान जी की कृपा पाने के लिए मंगलवार को उनकी पूजा इन चरणों में करेंसुबह जल्दी उठकर स्नान-ध्यान करें और लाल रंग के स्वच्छ वस्त्र धारण करें।हनुमान जी के मंदिर जाकर उनके दर्शन करें और उनकी परिक्रमा करें।यदि आपको बंदर दिखाई दें, तो उन्हें कुछ खिलाना शुभ माना जाता है।
अर्पण और भोग
पूजा के दौरान बजरंगबली को लाल रंग के फल और फूल अर्पित करें।
उन्हें पान भी अर्पित करना चाहिए।
भोग के रूप में बूंदी या बेसन के लड्डू अवश्य चढ़ाएं। मान्यता है कि इससे करियर में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।मंगलवार व्रत के दौरान हनुमान चालीसा का पाठ और श्री राम के नाम का जाप पूरे श्रद्धा भाव से करना चाहिए।अतः मंगलवार का व्रत सही नियम और श्रद्धा के साथ करने से हनुमान जी प्रसन्न होते हैं और भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण करते हैं।





